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तेजस डिलीवरी में देरी से IAF को नुकसान:एयर चीफ बोले- हर साल 36-40 फाइटर जेट चाहिए, MRFA डील इसी साल संभव

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
तेजस डिलीवरी में देरी से IAF को नुकसान:एयर चीफ बोले- हर साल 36-40 फाइटर जेट चाहिए, MRFA डील इसी साल संभव

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शनिवार को कहा कि तेजस लड़ाकू विमानों को शामिल करने में हो रही देरी से भारतीय वायुसेना को नुकसान हो रहा है। वायुसेना के फाइटर जेट स्क्वॉड्रन लगातार घट रहे हैं। ऐसे समय में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एयर पावर की भूमिका बढ़ रही है। एयर चीफ ने कहा कि वायुसेना को अगले कुछ साल हर साल कम से कम 36-40 फाइटर जेट चाहिए।

उन्हें उम्मीद है कि तेजस मार्क-1A और फ्रांस से लिए जाने वाले राफेल जेट की आपूर्ति से स्थिति सुधरेगी। MRFA डील इसी वित्त वर्ष में संभव एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि भारत मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) डील को इसी वित्त वर्ष में अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि योजना के मुताबिक काम हुआ, तो ऐसा संभव है।

फरवरी में भारत ने 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने की लंबित योजना को मंजूरी दी थी। यह खरीद फ्रांस के साथ सरकार-से-सरकार समझौते के तहत होगी। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा खरीद अभियान है। वायुसेना की युद्ध क्षमता बढ़ाने के लिए यह योजना करीब दो दशक पहले शुरू की गई थी। इस परियोजना की कीमत पर बातचीत और दूसरे अहम मुद्दों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

एयर चीफ ने कहा, “अगर चीजें ठीक रहीं, तो हमें इस वित्त वर्ष में इसे (MRFA डील) साइन कर लेना चाहिए। यही मेरी उम्मीद है। लेकिन यह दोतरफा प्रक्रिया है।” तेजस मार्क-1A की डिलीवरी में देरी एयर चीफ ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से तेजस मार्क-1A विमानों की आपूर्ति में हो रही देरी पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा, “इससे हमें नुकसान होगा।” फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ 83 तेजस मार्क-1A विमानों के लिए 48,000 करोड़ रुपए का समझौता किया था। विमानों की पहली खेप मार्च 2024 में मिलनी थी। हालांकि, अब तक वायुसेना को एक भी विमान नहीं मिला है। वायुसेना इन विमानों को शामिल करना चाहती है, क्योंकि उसके फाइटर जेट स्क्वॉड्रन की संख्या घटकर 29 रह गई है।

वायुसेना के फाइटर स्क्वॉड्रन की आधिकारिक मंजूर संख्या 42 है। रक्षा मंत्रालय ने पिछले साल सितंबर में HAL के साथ 97 तेजस मार्क-1A लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए 62,370 करोड़ रुपए का एक और समझौता किया था। एयर चीफ ने कहा कि वायुसेना तेजस मार्क-1A, MRFA कार्यक्रम के तहत मिलने वाले विमानों, तेजस मार्क-2 और एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

तेजस लड़ाकू विमानों की डिलीवरी में देरी के कारण भारतीय वायुसेना को नुकसान पहुँच रहा है, जैसा कि एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बताया। यह विषय भारतीय रक्षा क्षमताओं और विमानन उद्योग पर निर्भरता को उजागर करता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि फाइटर जेट्स की कमी से वायुसेना की तैनाती और रक्षा रणनीति प्रभावित हो रही है, और इससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। आम जनता पर इसका असर आर्थिक रूप से भी हो सकता है, क्योंकि तेजस परियोजना से रोजगार सृजन और घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, परंतु

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