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तेजस्वी के राघोपुर से टोल वसूलेगी सरकार, ₹80 में पटना:लोग बोले- ये जबरदस्ती का नया टैक्स, किसी भी दिशा से पटना आएं, हल्की होगी जेब

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 9 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
तेजस्वी के राघोपुर से टोल वसूलेगी सरकार, ₹80 में पटना:लोग बोले- ये जबरदस्ती का नया टैक्स, किसी भी दिशा से पटना आएं, हल्की होगी जेब

हमलोग राघोपुर के हैं, इसलिए सरकार टोल के नाम पर जबरदस्ती टैक्स लेगी। सिर्फ पुल पर चढ़ने के लिए टोल लिया जाएगा। यह तो पूरी बेईमानी है। सरकार राघोपुर के लोगों से अलग से नया टैक्स वसूलने जा रही है।- पिंटू सिंह, राघोपुर निवासी यहां ज्यादा लोग आते-जाते नहीं हैं। सिर्फ स्थानीय लोग (राघोपुर के) आएंगे-जाएंगे।

टोल लगाना बिल्कुल गलत बात है। इसे तेजस्वी यादव ने नहीं लगाया है। सब सम्राट सरकार कर रही है।- शिव कुमार, राघोपुर निवासी टोल टैक्स वसूली को लेकर यह नाराजगी सिर्फ दो लोगों की नहीं है। करीब 3 लाख की आबादी वाले राघोपुर के लिए पटना के कच्ची दरगाह से वैशाली के बिदुपुर के बीच बना पुल (कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन पुल) लाइफ लाइन की तरह है।

पुल बनने से तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर के लोग खुश हैं। दूसरी तरफ टोल टैक्स वसूली को लेकर नाराजगी भी है। भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में पढ़िए, कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन पुल पर टोल टैक्स वसूली को लेकर राघोपुर के लोग क्या कहते हैं?

पटना के आसपास कितने जगह टोल टैक्स वसूली होती है। राघोपुर एप्रोच रोड पर बन रहा टोल प्लाजा गंगा नदी पर पटना के पास तीसरा पुल (कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल) बनकर तैयार है। इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। उद्घाटन बाकी है। राघोपुर बारिश के मौसम में गंगा नदी का जलस्तर बनने के बाद टापू बन जाता था।

यहां सिर्फ नाव से पहुंचा जा सकता था। नए पुल ने स्थिति बदल दी है। अब साल के 12 महीने राघोपुर का सड़क संपर्क पटना और हाजीपुर से बना रहेगा। इस पुल के राघोपुर एलिवेशन पर टोल प्लाजा लगाया जा रहा है। इसके चालू होने के बाद राघोपुर में प्रवेश करने और बाहर आने के लिए टोल देना पड़ेगा। अभी टोल की दरों की घोषणा नहीं हुई है।

सूत्रों के अनुसार राघोपुर के लोगों को कार से पटना आने के लिए 60-80 रुपए टोल टैक्स देना होगा। बस-ट्रक जैसे बड़े वाहनों के लिए यह उनके आकार के अनुसार अधिक होगा। स्थानीय लोग टोल प्लाजा लगाने से नाराज हैं। इसे हटाने की मांग कर रहे हैं। इनका कहना है कि यह पुल पटना से जुड़ने के लिए लाइफ लाइन है।

इसपर आने-जाने के लिए बार-बार पैसे देने होंगे। जयराम यादव ने कहा, ‘राघोपुर के लोगों को सिर्फ पुल पर चढ़ने के लिए टोल टैक्स देना पड़ेगा। यह गलत है। हमलोगों को पटना सब्जी ले जाने के लिए पैसे देने होंगे।’ कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन महासेतु से क्या फायदे?

पुल बन जाने से गांधी सेतु, कोईलवर और वीर कुंवर सिंह सेतु पर दबाव घटा है। उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच सड़क संपर्क बेहतर हुआ है। पुल से 4 बड़े फायदे हैं... 1 मजबूत कनेक्टिविटी : पटना रिंग रोड और निर्माणाधीन आमस-दरभंगा फोरलेन एक्सप्रेस-वे को यह महासेतु सीधे जोड़ेगा। इससे दानापुर, दीघा, शिवाला, बिहटा, कन्हौली, डुमरी, नयागांव, तेलवारीचक, कच्ची दरगाह और सबलपुर के बीच मजबूत लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट हब विकसित होगा।

2: जाम से मुक्ति: गांधी सेतु, बिहटा-कोईलवर पुल और आरा-छपरा के वीर कुंवर सिंह सेतु पर ट्रकों का लोड घटा। 3: उत्तर बिहार का सफर आसान : मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, कोसी और सीमांचल जाने वाले वाहनों को पटना शहर में प्रवेश किए बिना सीधा बाइपास मिला है। इससे यात्रा समय में भारी बचत हुई है।

4: राघोपुर दियारा का कायाकल्प: महासेतु के कच्ची दरगाह से राघोपुर दियारा तक के 4.57 किलोमीटर हिस्से में अभी गाड़ियां चल रहीं हैं। इससे यहां के लाखों लोगों को नाव के जोखिम भरे सफर से मुक्ति मिल गई। अब राज्य सरकार पूरे राघोपुर दियारा इलाके को सुरक्षित करने के लिए चारों तरफ बांध बनाने की योजना पर काम कर रही है।

इलाके में विकास की बड़ी संभावनाओं को देखते हुए सरकार यहां इंडस्ट्रियल एरिया, लॉजिस्टिक एरिया और आईटी पार्क विकसित करने की तैयारी कर रही है। पटना में किसी भी दिशा से आइए, देना पड़ता है टोल टैक्स राघोपुर का मामला अकेला नहीं है। बिहार में नेशनल हाईवे नेटवर्क के विस्तार के साथ पटना आने-जाने वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग दिशाओं में टोल प्लाजा की संख्या भी बढ़ी है।

जो हैं..

अब स्टेट हाईवे और छोटे पुल भी टोल के दायरे में टोल का दायरा सिर्फ नेशनल हाईवे तक सीमित रहने वाला नहीं है। बिहार सरकार राज्य के प्रमुख पुलों और स्टेट हाईवे पर भी व्यावसायिक वाहनों से टोल वसूलने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में निजी वाहनों को टोल से बाहर रखने और मुख्य रूप से व्यावसायिक वाहनों से शुल्क लेने की बात है।

पथ निर्माण विभाग की रिपोर्ट में आरा-छपरा के वीर कुंवर सिंह पुल से सबसे अधिक टोल टैक्स आने का अनुमान है। इसके अलावा अरवल-सहार पुल, चंडी-सरमेरा समेत कई प्रमुख मार्गों को भी टोल व्यवस्था में शामिल करने की तैयारी है। वीर कुंवर सिंह पुल से 70 करोड़ सालाना कमाई का अनुमान सरकार की योजना टोल से मिलने वाली राशि को सड़क और पुलों के रख-रखाव में इस्तेमाल करने की है।

आरा-छपरा के वीर कुंवर सिंह पुल से करीब 70 करोड़ रुपए सालाना टोल टैक्स मिलने का अनुमान लगाया गया है। सरकार का तर्क है कि टोल से सड़कों और पुलों के रख-रखाव के लिए स्थायी फंड तैयार होगा। हालांकि व्यावसायिक संगठनों और स्थानीय लोगों की आपत्तियों के बीच अंतिम नीति से पहले सुझाव लिए जाने की संभावना है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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