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तेलंगाना के भद्राचलम में 2 से 6 अक्टूबर तक कोया-गोंडी भाषा की 12वीं राष्ट्रीय मानकीकरण कार्यशाला आयोजित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
तेलंगाना के भद्राचलम में 2 से 6 अक्टूबर तक कोया-गोंडी भाषा की 12वीं राष्ट्रीय मानकीकरण कार्यशाला आयोजित

नारायणपुर, 7 अक्टूबर 2026

तेलंगाना के भद्राचलम में दो से छह अक्टूबर तक कोया-गोंडी भाषा की बारहवीं राष्ट्रीय मानकीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें छत्तीसगढ़ सहित नौ राज्यों के भाषा विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला में गोंडी-कोया भाषा के शब्दों, व्याकरण और भाषाई स्वरूप के मानकीकरण पर चर्चा की गई। साथ ही, भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ से करीब तीस गोंडी भाषा विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हुए और उन्होंने भाषा के मानकीकरण की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया।

कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने पारंपरिक संस्कृति और लोककला पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।