तेलंगाना में करोड़ों की GST चोरी का मामला, तिरुमला सर्विसेज का मालिक अरेस्ट
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
तेलंगाना में फर्जी SEZ का सहारा लेकर करोड़ों का GST बचाने का एक बड़ा केस सामने आया है. भद्राद्री कोथागुडम जिले के पाल्वंचा में फर्म श्री तिरुमला सर्विसेज के मालिक डी.
रवि किशोर (कुछ आधिकारिक बयानों में दारा रवि किशोर) को कथित जीएसटी चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
रंगारेड्डी सीजीएसटी कमीशनरेट के अधिकारियों के अनुसार करीब ₹5.68 करोड़ के टैक्स चोरी का पता चला है. गिरफ्तारी 24 सितंबर को केंद्रीय जीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत हुई.
अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
क्या जानकारी आई सामने?
अधिकारियों ने बताया कि खास खुफिया जानकारी के आधार पर फर्म के कारोबारी ठिकाने और मालिक के घर पर सर्च-इंस्पेक्शन चलाया गया.
जांच में आरोप है कि मालिक ने फर्म को स्पेशल इकनॉमिक जोन यानी SEZ यूनिट बताकर जीएसटी रजिस्ट्रेशन लिया, जबकि वह इस फायदे का हकदार नहीं था.
इस कथित दावे की वजह से फर्म ने सामान जीरो-रेटेड सप्लाई के रूप में बिना GST चुकाए खरीदने का रास्ता अपनाया.
वेरिफिकेशन में दावा किया गया कि विशाखापत्तनम स्पेशल इकनॉमिक जोन (VSEZ) के डेवलपमेंट कमिश्नर के नाम पर पेश किया गया लेटर ऑफ अप्रूवल नकली या फर्जी पाया गया.
इसी कागजात के आधार पर फर्म ने SEZ स्टेटस का दावा किया था.
आधिकारिक रिलीज के मुताबिक करीब ₹30 करोड़ की टैक्सेबल सप्लाई पर लगभग 5.6 करोड़ रुपए GST चोरी का आंकड़ा निकाला गया है. आगे की जांच जारी है.
कमिश्नर अजाजुद्दीन बोले- होगी सख्त कार्रवाई
केंद्रीय कर, हैदराबाद जोन के प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर अरुण कुमार और रंगारेड्डी सीजीएसटी कमीशनरेट के प्रिंसिपल कमिश्नर अजाजुद्दीन ने चेतावनी दी है कि फर्जी फायदा लेने वाले और बिना टैक्स चुकाए माल हटाने वाले मामलों में सख्त कार्रवाई होगी, जरूरत पड़ने पर अभियोजन भी.
पुलिस या अदालत ने अभी दोष साबित नहीं किया है मामला जांच और कानूनी प्रक्रिया के अधीन है.
<a title="पंडित दीन दयाल उपाध
📡 स्रोत: ABP Live
🎙️ जनता का संदेश का मत
GST चोरी का मामला हमें दिखाता है कि धन के लालच में किसी को भी न्याय के रास्ते से भटकना नहीं चाहिए। जब वित्तीय विवाद उत्पन्न हो, तो अदालत और कर प्राधिकरण के पास जाकर समाधान ढूंढना सबसे सही है। इस घटना से समाज को यह सीख मिलती है कि पारदर्शिता और कानून का पालन ही समृद्धि का मूल आधार है। पीड़ितों के प्रति सहानुभूति रखकर, हमें सभी को जिम्मेदारी और सत्यनिष्ठा की ओर प्रेरित करना चाहिए।