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ठाणे में शिवसेना नेता की हत्या कर प्रयागराज में छिपे-शूटर:मंदिर में बिताते थे रात; ऑटो चालक के जरिए नेपाल भागने की थी तैयारी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
ठाणे में शिवसेना नेता की हत्या कर प्रयागराज में छिपे-शूटर:मंदिर में बिताते थे रात; ऑटो चालक के जरिए नेपाल भागने की थी तैयारी

महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के पदाधिकारी प्रदीप (बाला) पूर्णेकर की हत्या के बाद फरार हुए दोनों शूटर प्रयागराज में छिपकर नेपाल भागने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने नैनी के एक ऑटो चालक से संपर्क किया था। ऑटो चालक ने दोनों को भरोसा दिया था कि 2-3 दिन में उन्हें नेपाल भिजवा देगा।

उसने यह भी कहा था- भारत-नेपाल बॉर्डर पर गैरकानूनी तरीके से लोगों को एक देश से दूसरे देश में पहुंचाने वाले गिरोह के लोगों से उसके संपर्क हैं। इसी नेटवर्क के जरिए दोनों को नेपाल भेजने की योजना थी। लेकिन, इससे पहले ही मुंबई क्राइम ब्रांच और प्रयागराज एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

5-6 दिनों से बनाए हुए थे ठिकाना एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में शूटर संतोष कनोजिया ने बताया कि 29 सितंबर को ठाणे में हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों महाराष्ट्र के रायगढ़ पहुंचे। वहां से वाराणसी आए और करीब 2-3 दिन तक रहे। इसके बाद प्रयागराज पहुंचे। यहां पिछले 5-6 दिनों से ठिकाना बनाए हुए थे।

दिनभर इधर-उधर घूमते और रात में एक मंदिर में सो जाते थे। उनका अगला ठिकाना नेपाल था। इसके लिए गोरखपुर के रास्ते जाने की योजना बनाई गई थी। ऑटो चालक से पुरानी पहचान मुंबई पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपियों का नैनी में रहने वाले एक ऑटो चालक विनय से संपर्क था। विनय मूल रूप से अरैल का रहने वाला बताया गया है।

संतोष के मुताबिक, विनय उसका पुराना परिचित है। उसी ने दोनों को नेपाल भिजवाने का भरोसा दिया था। इंडिया-नेपाल बॉर्डर पर तस्करी करने वालों से कॉन्टैक्ट शूटर ने पुलिस को बताया, विनय ने कहा था कि भारत-नेपाल बॉर्डर पर ऐसे गिरोह के लोगों से उसके संपर्क हैं, जो गैरकानूनी तरीके से लोगों को एक देश से दूसरे देश में पहुंचाते हैं।

इन्हीं संपर्कों के जरिए वह दोनों को नेपाल भिजवा देगा। आरोपियों को उम्मीद थी कि नेपाल पहुंचने के बाद वे पुलिस की गिरफ्त से दूर हो जाएंगे। इसी योजना के तहत वे प्रयागराज पहुंचे थे। अगले 2-3 दिनों में गोरखपुर के रास्ते नेपाल जाने की तैयारी थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

दिनभर शहर में घूमते, रात मंदिर में बिताते थे हत्या के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपियों ने प्रयागराज में छिपकर रहने का तरीका अपनाया था। पूछताछ में संतोष ने बताया कि दोनों पिछले 5-6 दिनों से प्रयागराज में रह रहे थे। दिन में इधर-उधर घूमते थे और रात में मंदिर में सो जाते थे।

इस दौरान वे नेपाल जाने की तैयारी कर रहे थे। उन्हें गोरखपुर के रास्ते नेपाल पहुंचना था। हालांकि, पुलिस को दोनों के प्रयागराज में छिपे होने की सूचना मिल गई। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रयागराज एसटीएफ के साथ मिलकर कार्रवाई की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। कार्यालय में घुसकर मारी थीं सात गोलियां ठाणे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के पदाधिकारी प्रदीप (बाला) पूर्णेकर की 29 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

दो हमलावर उनके कार्यालय में घुसे और पिस्तौल से सात गोलियां चलाईं। इनमें से चार गोलियां पूर्णेकर को लगी थीं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। जांच के दौरान संतोष कनोजिया उर्फ तल्ली और अमित सिंह उर्फ पपलू के प्रयागराज में छिपे होने की सूचना मिली।

इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच और प्रयागराज एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई कर दोनों को गिरफ्तार किया। अब मददगारों की भूमिका की जांच इस हत्याकांड में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पहले सुभाष उर्फ पप्प्या शिंदे को पकड़ा गया। इसके बाद निखिल यादव उर्फ शूटर और नितेश पवार गिरफ्तार किए गए।

इसके बाद शुक्रवार को संतोष कनोजिया और अमित सिंह को प्रयागराज से पकड़ा गया। दोनों आरोपियों को शुक्रवार को ट्रांजिट रिमांड के लिए अदालत में पेश किया गया। रिमांड मिलने के बाद मुंबई पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। शनिवार को उन्हें जेल भेज दिया गया। एसटीएफ का कहना है कि नैनी के ऑटो चालक की तलाश की जा रही है।

यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दोनों आरोपियों को नेपाल भिजवाने का भरोसा देने के पीछे उसकी क्या मंशा थी और क्या वह सीमा पार कराने वाले गिरोह के लोगों के संपर्क में था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा सकती हैं कि इस पूरे घटनाक्रम में उसके अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

📡 स्रोत: NewsData.io

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