खेल

टीम में वापसी पर छलका उमेश यादव का दर्द, बोले- 'मुझे सपोर्ट करने की बजाय...'

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
टीम में वापसी पर छलका उमेश यादव का दर्द, बोले- 'मुझे सपोर्ट करने की बजाय...'

चोट के बाद जब उमेश यादव ने करीब एक साल बाद क्रिकेट में वापसी की, तो उन्हें लगा था कि विदर्भ की टीम उनका साथ देगी.

लेकिन उमेश के मुताबिक, वापसी के बाद उन्हें टीम से वो समर्थन नहीं मिला जिसकी उन्हें उम्मीद थी.

उनका दावा है कि उन्हें दोबारा मौका देने की जगह उन्हें टीम से बाहर करने की बातें होने लगी थीं.

इसी वजह से लंबे समय से विदर्भ के लिए खेलने वाले उमेश ने अब पंजाब का रुख कर लिया है.

उमेश यादव ने बताया कि 2024 में एकिलिस टेंडन की सर्जरी के बाद वो करीब एक साल तक क्रिकेट से दूर रहे.

जब वो वापस आए तो टीम में अपनी जगह को लेकर उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा.

उमेश ने बताया कि उन्होंने 2025-26 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए टी20 टीम की कप्तानी मांगी थी.

उन्हें लगा था कि कप्तानी मिलने से वापसी में मदद मिलेगी, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई.

दो मैच खेलने के बाद बाहर बैठाया

उमेश के मुताबिक, उन्हें टूर्नामेंट में सिर्फ दो मैच खेलने का मौका मिला. इसके बाद कई मुकाबलों में वो टीम से बाहर रहे.

टीम मैनेजमेंट से बात करने के बाद उन्हें ग्रुप स्टेज के आखिरी मैच में खेलने का मौका मिला.

इसके बाद 2025-26 विजय हजारे ट्रॉफी की टीम में उन्हें जगह नहीं मिली.

उमेश का कहना है कि उन्हें बाहर किए जाने की कोई वजह भी नहीं बताई गई.

बोले मुझे बाहर करने की तैयारी थी

उमेश ने कहा कि चोट से वापसी के बाद उन्हें ऐसा लगा कि उन्हें संभालने और उनका हौसला बढ़ाने के बजाय टीम से बाहर करने पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा था.

उन्होंने यह भी बताया कि टीम चुनने वालों और कोचों ने युवा खिलाड़ियों को कप्तानी की जिम्मेदारी दी.

विदर्भ के लिए आखिरी मैच

उमेश ने विदर्भ के लिए अपना आखिरी मैच 8 दिसंबर 2025 को आंध्र प्रदेश के खिलाफ सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेला था. उन्होंने इस मुकाबले में 4 ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट लिए थे.

इसके बाद 2026-27 घरेलू सीजन से पहले उमेश ने विदर्भ छोड़कर पंजाब टीम स

📡 स्रोत: ABP Live Khel

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live Khel पर जाएं)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

उमेश यादव, एक अनुभवी क्रिकेटर, विदर्भ टीम से लगभग एक साल बाद वापसी के बाद टीम से अपेक्षित समर्थन न मिलने के कारण निराश हुए। यह घटना टीम प्रबंधन और खिलाड़ी के बीच विश्वासघात की ओर इशारा करती है, जिससे खिलाड़ी की मनोबल पर असर पड़ता है। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह खेल में पारदर्शिता और खिलाड़ी के अधिकारों पर प्रकाश डालती है, और यह दर्शाती है कि कैसे प्रबंधन की नीतियाँ खिलाड़ी के करियर निर्णयों को प्रभावित कर सकती हैं। आम जनता के लिए यह संदेश है कि खेल में समर्थन और सम्मान अनिवार्य है, अन्यथ

J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।