TMC से छिनी 2 संसदीय समितियों की अध्यक्षता:डोला की जगह सुधांशु वाणिज्य समिति प्रमुख बने; दोनों सदन में ममता गुट के सिर्फ 16 सांसद
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नई दिल्ली में शनिवार को संसदीय समितियों का दोबारा गठन हुआ। एक साल पहले बनी इन समितियों का कार्यकाल खत्म हो गया था। इसके चलते राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विभागों से जुड़ी स्थायी समितियों का पुनर्गठन किया। इस बदलाव के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) से दो बड़ी समितियों की अध्यक्षता चली गई।
यह बदलाव ममता बनर्जी की अगुआई वाली TMC में विभाजन के बाद हुआ है। बीजेपी के सुधांशु त्रिवेदी को वाणिज्य समिति का नया अध्यक्ष बनाया गया। सुधांशु त्रिवेदी ने TMC की डोला सेन की जगह ली है। वहीं, TMC के बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने अपनी पूर्व पार्टी सहयोगी कीर्ति आजाद की जगह रसायन और उर्वरक समिति की अध्यक्षता संभाली है।
लोकसभा में ममता गुट के 8 सांसद हैं, राज्यसभा में भी यह संख्या 8 है। इस तरह संसद में ममता गुट के केवल 16 सांसद हैं। सतारूढ़ BJP के सांसदों के पास ज्यादा समितियां BJP के राधा मोहन सिंह रक्षा समिति की अध्यक्षता करेंगे। BJP के सुजीत कुमार ने अपनी पार्टी के सांसद बृजलाल की जगह कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय समिति की अध्यक्षता संभाली है।
BJP के निशिकांत दुबे को संचार और सूचना प्रौद्योगिकी समिति का अध्यक्ष फिर बनाया गया है। महाराष्ट्र से BJP सांसद मेधा विश्राम कुलकर्णी को विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन समिति की अध्यक्षता पर बरकरार रखा गया है। BJP के सुधीर गुप्ता ने अपनी पार्टी के सहयोगी सीएम रमेश की जगह रेलवे समिति की अध्यक्षता संभाली है।
BJP के पीसी मोहन को सामाजिक न्याय और अधिकारिता समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। BJP सांसद शशांक मणि को श्रम, कपड़ा और कौशल विकास समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को कोयला, खान और इस्पात समिति का अध्यक्ष दोबारा बनाया गया है। BJP के राजीव प्रताप रूडी जल संसाधन समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे।
BJP के भर्तृहरि महताब वित्त समिति की अध्यक्षता जारी रखेंगे। उनकी पार्टी के सहयोगी राधा मोहन दास अग्रवाल को गृह मामलों की समिति के अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा गया है। NDA के सहयोगी दलों को मिली समितियां
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
संसदीय समितियों के पुनर्गठन के बाद, तृणमूल कांग्रेस (TMC) से दो प्रमुख स्थायी समितियों की अध्यक्षता हटाई गई। यह बदलाव नई दिल्ली में 2024 की शुरुआत में हुआ, जब राज्यसभा और लोकसभा के अध्यक्षों ने कार्यकाल समाप्त होने पर समितियों का पुनर्निर्माण किया। इस कदम से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC के सांसदों की प्रभावशाली स्थिति घट गई, जबकि बीजेपी के सुधांशु वाणिज्य समिति के प्रमुख बने। यह घटना राजनीतिक संतुलन में बदलाव दर्शाती है और नीति-निर्माण पर असर डाल सकती है, जिससे आम जनता को आर्थिक और सामाजिक यो