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ट्रंप ने H-1B वीजा पर बढ़ाईं पाबंदियां, 1 लाख डॉलर का नियम भी रहेगा जारी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026 👁️ 3 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
ट्रंप ने H-1B वीजा पर बढ़ाईं पाबंदियां, 1 लाख डॉलर का नियम भी रहेगा जारी

सितंबर 19, नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर की फीस वाला फैसला एक साल के लिए बढ़ा दिया है। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि इस फैसले के बाद बड़ी IT आउटसोर्सिंग कंपनियों के H-1B रजिस्ट्रेशन में 92 फीसदी की कमी आई है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, इसका मकसद कम वेतन वाले विदेशी कर्मचारियों के जरिए अमेरिकी कर्मचारियों की जगह लेने की प्रवृत्ति को रोकना और ज्यादा कुशल कर्मचारियों को प्राथमिकता देना है।

इसके साथ ही ट्रंप ने H-1B आवेदनों की जांच और सख्त करने का भी आदेश दिया है। अब संबंधित एजेंसियों को यह भी देखना होगा कि जिस कंपनी ने H-1B कर्मचारी के लिए आवेदन किया है, उसने हाल में अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की है या ऐसा करने की योजना तो नहीं है। हालांकि, इस नीति को अदालती चुनौती भी मिल रही है।

एक संघीय अदालत ने फीस को गैरकानूनी करार दिया था और मामला अपील अदालत में विचाराधीन है। आपको बता दें कि यह शुल्क कुछ नए H-1B आवेदनों पर लागू है और खास तौर पर अमेरिका के बाहर से नए कर्मचारियों को लाने वाली कंपनियों को प्रभावित करता है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

H-1B वीजा पर अमेरिकी सरकार द्वारा 1 लाख डॉलर की फीस बढ़ाने का निर्णय, जिसे ट्रंप प्रशासन ने एक वर्ष के लिए जारी रखा है। यह कदम विदेशी IT कर्मचारियों की संख्या सीमित करके अमेरिकी श्रमिकों की रक्षा करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस नीति के तहत बड़ी IT आउटसोर्सिंग कंपनियों के H-1B रजिस्ट्रेशन में 92% की कमी आई है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को कम वेतन वाले विदेशी श्रमिकों पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी। आम जनता पर इसका असर रोजगार के अवसरों में बदलाव के रूप में महसूस होगा, खासकर टेक सेक्टर में, जहा

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।