ट्रंप नहीं करा पाए युद्ध खत्म, अब भारत की पहल से जगी शांति की उम्मीद; क्या बनेगी बात?
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रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से ज्यादा समय से जारी युद्ध को खत्म कराने की कोशिशें अब एक बार फिर तेज होती नजर आ रही हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोशिशों के बावजूद दोनों देशों के बीच शांति कायम नहीं हो सकी.
ऐसे में भारत की ओर से सामने आए युद्धविराम प्रस्ताव ने शांति की नई उम्मीद जगाई है. भारत ने युद्ध को रोकने के लिए तीन सूत्रीय प्रस्ताव सामने रखा है. इस पहल पर रूस और यूक्रेन की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं.
रूस ने भारत की भूमिका का स्वागत किया है, जबकि यूक्रेन ने भी भारतीय प्रस्ताव को व्यापक बताया है.
रूस ने भारत की पहल का किया स्वागत रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि भारत यूक्रेन से जुड़े मौजूदा हालात के समाधान में व्यावहारिक योगदान देने के लिए तैयार है.
उन्होंने भारत की इस पहल और सुझावों के लिए आभार जताया.
पेस्कोव से उन मीडिया रिपोर्टों को लेकर सवाल किया गया था, जिनमें दावा किया गया था कि भारत ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए तीन चरणों वाला नया प्रस्ताव दिया है.
इस पर उन्होंने कहा कि भारत ने मौजूदा स्थिति के समाधान में योगदान देने की अपनी इच्छा जाहिर की है.
यूक्रेन ने भी भारतीय प्रस्ताव को बताया व्यापक इससे पहले यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने भी भारत के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया था.
उन्होंने बताया था कि युद्धविराम को लेकर चार अलग-अलग प्रस्ताव सामने आए हैं और इनमें भारत का प्रस्ताव सबसे व्यापक है. यूक्रेन ने ऊर्जा क्षेत्र और काला सागर में युद्धविराम को लेकर अपनी सहमति जताई है.
हालांकि, उसका कहना है कि इन दोनों क्षेत्रों में युद्धविराम को एक साथ लागू किया जाना चाहिए. भारत के अलावा तुर्की, मिस्र और अमेरिका की ओर से भी प्रस्ताव सामने आए हैं.
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भारत की पहल में युद्ध के उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है, जिनका रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष के दौरान बड़ा असर पड़ा है. प्रस्ताव के तीन प्रमुख बिंदु हैं.
ऊर्जा और जरूरी बुनियादी ढांचे पर हमले रोकना भारत ने दोनों पक्षों से एक-दूसरे के ऊर्जा संयंत्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाने की अपील की है.
काला सागर में व्यापार जारी रखना प्रस्ताव में काला सागर के बंदरगाहों से अनाज और ऊर्जा की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की बात कही गई है.
वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा काला सागर में आने-जाने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमले और गोलाबारी रोकने का प्रस्ताव रखा गया है. क्या भारत की पहल से खत्म होगी जंग?
रूस और यूक्रेन की ओर से भारतीय पहल को लेकर आए सकारात्मक संकेतों से शांति की उम्मीद जरूर बढ़ी है.
हालांकि, चार साल से ज्यादा समय से जारी इस युद्ध को पूरी तरह खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच व्यापक सहमति बनना जरूरी होगी. भारत का प्रस्ताव इस दिशा में बातचीत का एक नया रास्ता खोल सकता है.
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📡 स्रोत: NewsData.io