ट्रंप के ऊर्जा युद्धविराम पर जेलेंस्की की सहमति, अब रूस के रुख पर टिकी निगाहें
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए प्रस्तावित युद्धविराम का समर्थन किया है.
उन्होंने कहा कि यूक्रेन इस पहल के लिए तैयार है, लेकिन इसके सफल होने के लिए रूस को भी अपनी प्रतिबद्धता दिखानी होगी.
जेलेंस्की ने यह भी स्पष्ट किया कि युद्धविराम को लागू करने की शर्तों के बारे में यूक्रेन अमेरिका से विस्तृत जानकारी मिलने का इंतजार कर रहा है.
ट्रंप की घोषणा के बाद जेलेंस्की ने जताई सहमति अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में रूस और यूक्रेन के बीच तत्काल ऊर्जा युद्धविराम लागू होने की घोषणा की थी.
ट्रंप के मुताबिक, दोनों देश इस व्यवस्था पर सहमत हो गए हैं.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दोनों पक्षों से युद्धविराम का उल्लंघन नहीं करने की अपील भी की.
ट्रंप की इस घोषणा के बाद जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन तनाव कम करने और आम लोगों की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन करता है. हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि केवल यूक्रेन की सहमति से यह पहल सफल नहीं हो सकती.
रूस को भी ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर हमले रोकने के फैसले का पालन करना होगा.
कनाडा, फिनलैंड और नाटो के प्रमुखों से हुई बातचीत ऊर्जा युद्धविराम के मुद्दे पर जेलेंस्की ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और नाटो महासचिव मार्क रुट्टे के साथ बातचीत की.
इस चर्चा में ट्रंप की ओर से घोषित युद्धविराम और उसे लागू करने से जुड़े पहलुओं पर विचार किया गया.
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर बातचीत की जानकारी देते हुए कहा कि यूक्रेन अमेरिकी पक्ष से आगे के विवरण मिलने की प्रतीक्षा कर रहा है.
उन्होंने दोहराया कि उनका देश युद्ध समाप्त करने और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए जरूरी फैसलों का समर्थन करेगा.
रूस को डीजल की आपूर्ति पर भी बढ़ा विवाद ऊर्जा युद्धविराम की घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब रूस से ईंधन की आपूर्ति को लेकर अमेरिका और यूक्रेन के बीच मतभेद सामने आए हैं.
ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया था कि रूस अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डीजल की आपूर्ति करेगा. उनके मुताबिक, रूस शुरुआत में तीन लाख टन से अधिक डीजल भेजेगा.
इसके बाद नवंबर में पांच लाख टन और फिर दस लाख टन की आपूर्ति किए जाने की योजना है.
उन्होंने रूस की रिफाइनरियों की स्थिति के आधार पर अतिरिक्त आपूर्ति की संभावना भी जताई. इस फैसले पर जेलेंस्की ने चिंता जाहिर की.
उनका कहना है कि रूस को ईंधन निर्यात से अतिरिक्त कमाई होने पर वह इस पैसे का इस्तेमाल अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए कर सकता है.
जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस युद्ध को लंबा खींचने और यूक्रेन के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहा है.
उन्होंने कहा कि ऊर्जा निर्यात से मिलने वाला अतिरिक्त राजस्व हथियारों के उत्पादन, सैन्य उपकरणों की खरीद और सैनिकों की भर्ती पर खर्च किया जा सकता है.
पुतिन से बातचीत के बाद ट्रंप का दाव रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर बातचीत के बाद ट्रंप ने दावा किया कि रूस यूक्रेन के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करने का इच्छुक है.
हालांकि, उन्होंने जेलेंस्की की बातचीत के जरिए समाधान निकालने की इच्छा पर सवाल उठाए.
ट्रंप ने कहा कि इस संघर्ष को पहले भी कई बार समाप्त किया जा सकता था, लेकिन उनके अनुसार जेलेंस्की समझौता करने के लिए तैयार नहीं हुए.
उन्होंने यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव नहीं होने को लेकर भी जेलेंस्की की आलोचना की और कहा कि उन्हें चुनाव कराना चाहिए था.
शांति वार्ता फिर शुरू होने पर स्थिति साफ नहीं दूसरी ओर, रूस की ओर से शांति वार्ता को लेकर अभी कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता सामने नहीं आई है.
पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव की ओर से साझा किए गए फोन वार्ता के विवरण के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने का कोई वादा नहीं किया.
ऐसे में ऊर्जा युद्धविराम की घोषणा के बावजूद दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
अब यह देखना अहम होगा कि रूस इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाता है और अमेरिका की ओर से युद्धविराम की शर्तें स्पष्ट होने के बाद इसे जमीन पर लागू करने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं.
📡 स्रोत: NewsData.io