ट्रेनों में चोरी करने वाली 2 महिला चोर गिरफ्तार:GRP ने घेराबंदी कर पकड़ा, ₹5.40 लाख के सोने के जेवर बरामद;पाइप में छिपाकर रखे थे
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →जीआरपी बिलासपुर ने ट्रेनों में चोरी करने वाले महिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो महिला चोरों को उनके गांव से गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर करीब 5.40 लाख रुपए के सोने के जेवर बरामद किए गए हैं। गिरोह की एक अन्य महिला सदस्य फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। डेढ़ महीने पहले नागपुर रोड स्टेशन पर अंबिकापुर-शहडोल एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में एक महिला यात्री के हैंडबैग से सोने के जेवर चोरी हुए थे।
महिला के स्टेशन पर उतरते समय चोरी की वारदात हुई थी। इसके बाद जीआरपी ने मामले की जांच शुरू की। पोड़ी गांव की रहने वाली हैं आरोपी महिलाएं जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ट्रेनों में महिला यात्रियों को झांसा देकर जेवर और पर्स चोरी करने वाली महिलाएं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के पोड़ी गांव में रहती हैं।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि महिलाएं समूह बनाकर ट्रेनों में चोरी करती थीं। चोरी के जेवर पाइप के नीचे छिपाती थीं पुलिस के मुताबिक, चोरी करने के बाद महिलाएं जेवरों को ग्राम घोघरा के पास एलीफेंट क्रॉसिंग के पाइप के नीचे छिपाकर रखती थीं। इसी सूचना के आधार पर जीआरपी ने आरोपियों के गांव में दबिश दी।
दो महिला चोर गिरफ्तार जीआरपी प्रभारी विश्वनाथ चक्रवर्ती ने बताया कि 8 सितंबर की शाम करीब 4.10 बजे पुलिस टीम ने ग्राम केराडोल, थाना पोड़ी में घेराबंदी कर रिकी बसोंड (35) और वर्षा उर्फ कचरी बसोंड (23) को गिरफ्तार किया। दोनों वार्ड नंबर 1 केराडोल की रहने वाली हैं। 5.40 लाख के सोने के जेवर बरामद आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 5 लाख 40 हजार रुपए के सोने के जेवर बरामद किए हैं।
गिरोह की एक महिला सदस्य फरार जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि गिरोह की एक अन्य सदस्य रितु उर्फ संतोषी बसोड (30) फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। संगठित चोरी के तहत कार्रवाई पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 305(C), 112 BNS के तहत अपराध दर्ज किया है। दोनों को रिमांड पर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।
यह कार्रवाई एसपी रेल रायपुर दिव्यांग पटेल और डीएसपी रेल बिलासपुर तोबियस खाखा के निर्देश पर की गई।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
किसी भी अपराध का सामना करते समय शांत और विधिपूर्वक कदम उठाना चाहिए। अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि न्याय व्यवस्था काम कर सके। समाज में विश्वास और सहानुभूति बढ़ाने के लिए हमें अपराधियों को सुधारने के मार्ग दिखाने चाहिए, न कि केवल दंडित करने के। पीड़ितों के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं, उनकी मदद करें और उन्हें आशा दें कि न्याय और सहानुभूति से समाज बेहतर बन सकता है।