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टुंडी में हाथी के हमले में पारा शिक्षक की मौत, 10 लाख मुआवजा और नियोजन पर सहमति

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
टुंडी में हाथी के हमले में पारा शिक्षक की मौत, 10 लाख मुआवजा और नियोजन पर सहमति

धनबाद के टुंडी में हाथी के हमले में पारा शिक्षक की मौत, 10 लाख मुआवजा और नियोजन पर सहमति, मृतक के परिजनों को 10 लाख मुआवजा और नियोजन पर सहमति, 15 दिनों से हाथियों के झुंड पर क्यूआरटी की नजर।

Short Headline: टुंडी में हाथी के हमले में पारा शिक्षक की मौत, 10 लाख मुआवजा और नियोजन पर सहमति

29 सितंबर, धनबाद: धनबाद के टुंडी प्रखंड के गुलियाडीह गांव में हाथी के हमले में पारा शिक्षक ग्रीजा मुर्मू की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। मंगलवार तड़के करीब 3 बजे 51 वर्षीय ग्रीजा मुर्मू को हाथियों ने कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए शव उठाने से इंकार कर दिया था।

ग्रामीणों की मांग थी कि डीएफओ मौके पर पहुंचें और मृतक के परिजनों को मुआवजा देने के साथ हाथियों से सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इसके बाद डीएफओ विकास पालीवाल मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। इसके बाद ग्रामीणों के साथ घंटों बैठक कर उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं।

बैठक के बाद मृतक के परिजनों को कुल 10 लाख रुपये मुआवजा और एक नियोजन देने पर सहमति बनी। इसमें एक लाख रुपये नगद, आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से चार लाख रुपये और वन विभाग की ओर से पांच लाख रुपये शामिल हैं।

वहीं, डीएफओ विकास पालीवाल ने बताया कि पिछले करीब 15 दिनों से हाथियों का झुंड टुंडी इलाके में भ्रमण कर रहा है, जिस पर वन विभाग की क्यूआरटी टीम लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष हाथियों का झुंड इस इलाके में आता है और फिर वापस चला जाता है। फिलहाल खेती का सीजन होने के कारण हाथियों का रुख खेतों की ओर ज्यादा है।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि हाथी दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं और इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें। साथ ही उन्होंने कहा कि घर या फसल को नुकसान होने की स्थिति में वन विभाग की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिया जाता है।

डीएफओ के आश्वासन और बैठक में मुआवजे व नियोजन पर सहमति बनने के बाद ग्रामीण शांत हुए। हालांकि, पारा शिक्षक की मौत ने टुंडी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे हाथियों के खतरे और मानव-हाथी संघर्ष को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बाइट- दिनेश मुर्मू, मृतक का पुत्र बाइट- विकास पालीवाल, डीएफओ, धनबाद

💡 पृष्ठभूमि (Background)

इस खबर में धनबाद के टुंडी प्रखंड में एक पारा शिक्षक की हाथी के हमले में मृत्यु और उसके परिवार को 10 लाख रुपये के मुआवजे तथा नियोजन पर सहमति की बात है। यह विषय ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों के साथ मानवीय संघर्ष को उजागर करता है, जो सुरक्षा और वन प्रबंधन की नीतियों पर सवाल उठाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि सरकार और स्थानीय निकायों को ऐसे घटनाओं से निपटने के लिए त्वरित और संवेदनशील कदम उठाने की आवश्यकता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि वन्यजीवों के साथ संपर्क में आने

🎙️ जनता का संदेश का मत

हाथियों के साथ सह-अस्तित्व का संदेश हमें याद दिलाता है कि प्रकृति के साथ हमारा व्यवहार ही समाज की शांति तय करता है। जब हम वन्यजीवों के आवास का सम्मान करते हैं, तब दुर्घटनाएँ घटती हैं और शिक्षा के क्षेत्र में शांति बनी रहती है। शिक्षक की याद में, हमें नयी नीतियाँ बनानी चाहिए जो शिक्षा और प्रकृति दोनों को सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य की पीढ़ियाँ बिना भय के सीख सकें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।