त्योहार से पहले दुर्ग में मिठाई और नमकीन की दुकानों पर जांच अभियान तेज
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दीपावली के त्योहार से पहले छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिठाई और नमकीन की दुकानों पर जांच अभियान तेज कर दिया है। आम उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग की विशेष टीम ने जिले के प्रमुख मिठाई प्रतिष्ठानों तृप्ति, जलाराम नमकीन एंड डेयरी और पन्ना स्वीट्स का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानों के किचन, मिठाई बनाने की जगह, भंडार गृह और साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया गया। साथ ही, विभिन्न मिठाइयों और नमकीन के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
त्योहारी सीजन में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही खोवा, पनीर और अन्य खाद्य सामग्री में मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग यह अभियान चला रहा है। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नवरात्रि के बाद से लगातार चल रही जांच
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के डेजिग्नेटेड ऑफिसर जितेंद्र कुमार नेले ने बताया कि दीपावली को देखते हुए विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। खाद्य आयुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देश पर त्योहारी सीजन में जांच और कार्रवाई को तेज किया गया है।
नेले के मुताबिक, नवरात्रि पर्व के बाद से ही विभाग की टीमें लगातार खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं। शुरुआत में ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया और इसके बाद शहरी क्षेत्रों में भी जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के बड़े मिठाई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर अलग-अलग मिठाइयों के नमूने लिए जा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।
खोवा, पनीर और सिल्वर लीफ पर खास नजर
दीपावली के दौरान मिठाइयों की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में विभाग उन खाद्य सामग्रियों की जांच कर रहा है, जिनमें मिलावट की आशंका रहती है। अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
- खोवा की गुणवत्ता: मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाला खोवा निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं और उसमें स्टार्च जैसी किसी अन्य सामग्री की मिलावट तो नहीं की गई है।
- पनीर की जांच: पनीर असली है या एनालॉग पनीर का इस्तेमाल किया जा रहा है, इसकी जांच की जा रही है।
- मिठाइयों पर लगी सिल्वर लीफ: मिठाइयों को सजाने के लिए इस्तेमाल होने वाली चांदी की परत की गुणवत्ता और उसकी शुद्धता की भी जांच की जा रही है।
- साफ-सफाई के मानक: मिठाई बनाने की जगह, किचन, भंडारण व्यवस्था और कर्मचारियों की स्वच्छता पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
- खाद्य पदार्थों के नमूने: मिठाई और नमकीन के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है।
विभाग के अनुसार, मौके पर निरीक्षण के साथ नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है। यदि जांच रिपोर्ट में मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दुकानदार ने बताया- कर्मचारियों को ग्लव्स और कैप पहनने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जलाराम मिष्ठान भंडार के प्रतिनिधि राज आड़तिया ने दुकान में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के नियमों के पालन की बात कही। उन्होंने बताया कि प्रतिष्ठान में काम करने वाले कर्मचारियों को हाथों में ग्लव्स और सिर पर कैप पहनने के निर्देश दिए गए हैं।
राज आड़तिया के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अधिकारियों की ओर से स्वच्छता संबंधी नियमों की जानकारी दी गई है और प्रतिष्ठान में उनका पालन करने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने ग्राहकों से अपील करते हुए कहा कि लोग साफ-सुथरी दुकानों से खाद्य सामग्री खरीदें। उनके मुताबिक, सामान की कीमत थोड़ी अधिक हो सकती है, लेकिन अच्छी गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।
मिठाई खरीदते समय ग्राहक किन बातों का रखें ध्यान?
खाद्य विभाग ने उपभोक्ताओं को मिठाई खरीदते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, बहुत ज्यादा चमकीले या असामान्य रंगों वाली मिठाइयों को खरीदने से बचना चाहिए। मिठाइयों की गुणवत्ता, उनकी ताजगी और दुकान में साफ-सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है।
जितेंद्र कुमार नेले ने चांदी की परत लगी मिठाइयों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो, तो उपभोक्ता विभाग में शिकायत कर सकते हैं। शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, केवल चांदी की परत को रगड़ने या उसके रंग में बदलाव के आधार पर उसकी असलियत का अंतिम फैसला नहीं किया जा सकता। किसी भी प्रकार की मिलावट की पुष्टि के लिए उचित परीक्षण जरूरी है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
दुर्ग में की गई इस कार्रवाई के दौरान लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच के नतीजे आने के बाद ही संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल किसी भी प्रतिष्ठान में मिलावट की पुष्टि होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
त्योहारी सीजन में मिठाइयों और नमकीन की बढ़ती मांग के बीच खाद्य विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। अब जांच रिपोर्ट पर नजर रहेगी, जिसके आधार पर नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
बाइट - 1.) जितेंद्र कुमार नेले,जिला खाद्य व औषधि प्रशासन विभाग के डेजिग्नेटेड ऑफिसर, जिला दुर्ग
( पहचान :- सफेद कमीज व बगल में महिला अधिकारी, मुछ नहीं है)
2.) राज आढ़तिया, संचालक जलाराम मिष्ठान भंडार, दुर्ग, ( पहचान :- हल्का हरा कलर टी शर्ट व मोटा चेहरा