UCO बैंक को कोर्ट से बड़ा झटका, विधवा पेंशन रोकने पर लगा 15,000 रुपये का जुर्माना
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सरकारी पेंशन पाने वाले लोगों के लिए बैंक की जिम्मेदारी सिर्फ खाते में पैसा जमा करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि उन्हें समय पर सभी स्वीकृत लाभ देना भी जरूरी है.
इसी से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां एक विधवा महिला की फैमिली पेंशन में संशोधन करने में देरी करना UCO बैंक को महंगा पड़ गया.
चंडीगढ़ के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बैंक को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए 15 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है.
शिकायतकर्ता के मुताबिक, पेंशन स्वीकृत करने वाले अधिकारियों की ओर से बैंक को कई बार निर्देश भेजे गए थे.
इसके बावजूद रूपनगर स्थित UCO बैंक की शाखा ने संशोधित पेंशन का भुगतान समय पर नहीं किया. परिवार ने बैंक के कई चक्कर लगाए, लिखित आवेदन दिए और कानूनी नोटिस भी भेजे. इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ.
पेंशन से जुड़े अन्य लाभों में वृद्धावस्था भत्ता, लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) और संशोधित मेडिकल अलाउंस भी शामिल थे.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला पंजाब के रूपनगर की रहने वाली प्रकाश कौर से जुड़ा है.
उनके बेटे सुखविंदर सिंह ने अपनी मां की ओर से उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी.
प्रकाश कौर के पति नसीब सिंह चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (CTU) में कर्मचारी थे, वह 31 मार्च 1995 को रिटायर हुए थे.
उनकी मृत्यु 28 नवंबर 2001 को हो गई थी.
इसके बाद 29 नवंबर 2001 से उनकी पत्नी को फैमिली पेंशन मिलनी शुरू हुई.
हालांकि, समय के साथ पेंशन में होने वाले जरूरी संशोधन और अन्य लाभ सही तरीके से लागू नहीं किए गए.
आयोग ने बैंक पर क्यों लगाया जुर्माना?
जिला उपभोक्ता आयोग ने बैंक की दलीलों को स्वीकार नहीं किया.
आयोग ने पाया कि बैंक ने उपभोक्ता शिकायत दर्ज होने के बाद ही पेंशन में सुधार किया और बकाया राशि जारी की.
आयोग के अनुसार, बाद में एरियर का भुगतान कर देने से पहले हुई परेशानी और मानसिक उत्पीड़न की भरपाई नहीं हो जाती.
परिवार को अपने अधिकारों के लिए बार-बार बैंक जाना पड़ा और कानूनी कार्रवाई त
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर UCO बैंक द्वारा एक विधवा पेंशनधारी की पेंशन में संशोधन करने में देरी के कारण कोर्ट द्वारा लगाए गए 15,000 रुपये के जुर्माने के बारे में है। यह विषय बैंक की सेवा गुणवत्ता और सरकारी पेंशनधारियों के प्रति ज़िम्मेदारी को उजागर करता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि बैंक को केवल जमा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समय पर सभी लाभों का भुगतान भी अनिवार्य है। यदि बैंक इस प्रकार की सेवा में कमी करते रहते हैं, तो आम जनता, खासकर पेंशनधारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है और विश्वास घ