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उज्जैन- जिले में चौड़ीकरण के दौरान विरोध और पथराव, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
उज्जैन- जिले में चौड़ीकरण के दौरान विरोध और पथराव, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े

उज्जैन शहर में सिंहस्थ को लेकर आंतरिक मार्गों के चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। सोमवार को कार्य की जद में आ रही छत्री चौक की शाही मस्जिद को हटाए जाने का कार्य किया जाना था। इसी बीच समाज का एक बड़ा वर्ग विरोध के लिए मस्जिद के आसपास के क्षेत्रों में एकत्रित हो गया। समाज की महिलाओं और युवाओं ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर ईंट और पत्थर भी बरसाए।

वीओ - 2028 में होने वाले सिंहस्थ पर्व के मद्देनजर उज्जैन में कंठाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। कार्य की जद में आ रहे धर्म स्थलों को हटाने और दूसरे स्थान पर पुनः स्थापित किए जाले की कार्रवाई पहले भी की जा चुकी है। इस कार्य में छत्रीचौक गोपाल मंदिर के बीच बनी एक मस्जिद भी आ रही है।

बीते दो दिन से मस्जिद तोड़ने को लेकर मुस्लिम समाज द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा था। लेकिन बीती रात प्रशासन और पुलिस के बीच बाधक हिस्से को हटाने की सहमति बन चुकी थी। जिसके चलते सोमवार से बाधक निर्माण को हटाने की कार्रवाई की जानी थी, जिसके लिए रात से ही प्रशासन ने जेसीबी और पोकलेन मशीनें मस्जिद के बाहर खड़ी करवा दीं।

इधर सोमवार को मुस्लिम समाज सड़क पर उतरा और पथराव करते हुए कार्रवाई का विरोध जताया। समाज की महिलाएं भी हाथों में पत्थर लिए क्षेत्र में जमा हो गईं। कुछ ही देर में टंकी चौक और मस्जिद के करीबी क्षेत्र में लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और पुलिस व सुरक्षा में तैनात बलों पर ईंट पत्थर बरसाए। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने भी भीड़ को तितर बितर करने के लिए तत्काल आंसू गैस के गोले दागे और हल्का बल प्रयोग करते हुए भीड़ को खदेड़ा।

इस घटना में पुलिस जवानों को चोट भी आई है। हालांकि इस मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होना है, इसके पहले ही समाजजनों ने शहर में बवाल किया।

बताया जा रहा है कि रात से चल विरोध के बाद आपसी सहमति से चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को तोड़ने पर सहमति भी बन चुकी थी। प्रशासन ने भी रात के हालात को देखकर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी थी। लेकिन जब सोमवार को सुबह से मस्जिद के हिस्से को गिराने की कार्यवाही मुस्लिम समाज ने खुद शुरू की, तभी समाज के कुछ असामाजिक तत्व सड़कों पर उतरे और पत्थरबाजी करते हुए विरोध शुरू कर दिया।

प्रदर्शन करने वालों में समाज की महिलाएं भी थी, जो बेरिकेड को धकियाते और बलपूर्वक प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने का प्रयास करतीं दिखीं। उज्जैन में हुए पथराव और बवाल के बीच शहरकाजी खलिकुर्रेहमान ने समाजजनों ने अपील की है कि विवाद में न पड़ें, प्रशासन को तय व्यवस्था के अनुसार कार्य करने दें और किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।

जिला कलेक्टर का भी कहना था कि समाजजन खुद ही चौड़ीकरण कार्य में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। कोई भी किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दे।

उल्लेखनीय है कि कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक के मार्ग चौड़ीकरण के करीब 900 मीटर लम्बे मार्ग में 7 धर्मस्थल सड़क के बीच आ रहे थे, इनमे अधिकांश को हटा दिया गया है। सबसे ज्यादा विवाद शाही मस्जिद को लेकर देखने को मिला, जबकि इसके पहले पास ही बनी बोहरा समाज की मस्जिद को समाजजनों की सहमति से हटाया गया था।

विजुअल डिटेल

फाइल 01 - आंसूगैस के गोले दागते पुलिसकर्मी के विभिन्न एंगल के दृश्य, समाजजनों की भीड़ के विभिन्न एंगल के दृश्य, विवाद करती समाज की महिलाओं और पत्थरबाजी कर रहे युवाओं के विभिन्न एंगल के दृश्य, विवाद और विरोध के अन्य विभिन्न एंगल के दृश्य

फाइल 02 - बाइट - खलिकुर्रेहमान, शहरकाजी

फाइल 03 - बाइट - रौशन कुमार सिंह, कलेक्टर

उज्जैन - चौड़ीकरण की जद में आ रही मस्जिद को लेकर उज्जैन में हुआ बवाल, पुलिस ने संभाला मोर्चा

वर्ग विशेष का लोग सड़कों पर उतरे, सुरक्षाकर्मियों पर किया पथराव, पुलिस ने भी दागे आंसू गैस के गोले

🎙️ जनता का संदेश का मत

उज्जैन की इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि जब भी किसी समाजिक परिवर्तन की आवश्यकता हो, संवाद और सहमति सबसे प्रभावी मार्ग हैं। किसी भी विवाद को कानूनी या सामुदायिक मंचों में सुलझाने से हिंसा की चक्रव्यूह टूटती है। हमें एकजुट होकर शांति के पथ पर चलना चाहिए, ताकि भविष्य की पीढ़ियाँ भी संघर्षों को समझदारी से हल कर सकें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।