उज्जैन के खड़े हनुमान हट क्यों नहीं रहे:जमीन के नीचे ऐसा क्या है? मंदिर टूट गया, क्रेन भी फेल; टस से मस नहीं हुई प्रतिमा
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर का पूरा ढांचा तोड़ा जा चुका है, लेकिन अंदर खड़ी प्रतिमा हिली तक नहीं । चार बार कोशिश हुई, हाइड्रोलिक क्रेन तक लगाई गई, फिर भी नाकामी हाथ लगी। अब प्रशासन ने कार्रवाई रोक दी है। वहीं भक्त इसे चमत्कार मान रहे हैं और प्रतिमा के दर्शन के लिए दिन-ब-दिन लगातार भीड़ बढ़ रही है। आखिर प्रतिमा हट क्यों नहीं रही, जमीन के नीचे है क्या और अब आगे क्या होगा; समझते हैं आज के मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में...
सवाल 1: उज्जैन में चल क्या रहा है, अब तक क्या-क्या हुआ?
जवाब: कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क चौड़ी की जा रही है, इसी रास्ते में ‘खड़े हनुमान’ मंदिर आ रहा है, जिसे विस्थापित करना है। सवाल 2: क्या यह हजार साल पुरानी प्रतिमा है, और इससे फर्क क्या पड़ता है?
जवाब: प्रतिमा की उम्र को लेकर दो बिल्कुल अलग दावे हैं...
पहला, परंपरागत दावा, 150 से 170 साल मंदिर की सेवा एक ही पुजारी परिवार की पांच पीढ़ियां करती आई हैं। दस्तावेजों में इसका इतिहास 1857 के दौर से जुड़ा मिलता है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में यह 150 तो कुछ में 200 साल तक बताया गया है। दूसरा, बिल्कुल नया दावा, करीब 1000 साल उज्जैन के ही विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व विशेषज्ञ प्रो.
डॉ.
रमण सोलंकी ने प्रतिमा के पत्थर को मालवा बेसाल्ट बताया और कहा कि यह परमार वंश और राजा भोज के दौर का हो सकता है। उनके मुताबिक प्रतिमा पर लंबे समय से चढ़ाए जा रहे सिंदूर के कारण असली आकृति और भाव-भंगिमा अब स्पष्ट नहीं दिखती, इसलिए सिर्फ देखकर उम्र का पक्का दावा नहीं किया जा सकता। रिटायर्ड आर्कियोलॉजिस्ट बीके लोखंडे कहते हैं कि अगर प्रतिमा 100-150 साल पुरानी निकलती है, तो इसे दूसरी जगह ले जाने का फैसला सरकार के स्तर पर हो सकता है।
लेकिन अगर जांच में यह पुरातात्विक महत्व की साबित होती है, तो इसे संरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू होगी और विशेषज्ञों की कमेटी तय करेगी कि इसे कैसे संभाला जाए। यानी 150 या 1000 साल का सवाल सिर्फ उम्र का नहीं है। अगर प्रतिमा सच में प्राचीन निकली, तो उसे हटाने का तरीका भी बदल जाएगा। सवाल 3: प्रतिमा के नीचे ऐसा क्या है, जो उसे हिलने नहीं दे रहा?
जवाब: विशेषज्ञों के मुताबिक- संभावना यह है कि प्रतिमा और उसके नीचे की चट्टान आपस में जुड़ी हुई हों। सवाल 4: क्या प्रतिमा को बिना नुकसान पहुंचाए दूसरी जगह ल
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar