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उज्जैन- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और उपचार पर जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
उज्जैन- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और उपचार पर जोर

बैठक में गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने, गर्भावस्था के दौरान निर्धारित समय पर आवश्यक स्वास्थ्य जांच कराने और हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान कर उनका उचित उपचार एवं प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने विशेष रूप से हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श और आवश्यकता के अनुसार उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही प्रसव के दौरान संभावित जटिलताओं एवं जोखिम को कम करने के लिए हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व बर्थ वेटिंग सुविधा का लाभ दिलाने तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के साथ शिशु मृत्यु के प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि मृत्यु के कारणों का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

इस अवसर पर एएमए से डॉ. अर्चना माहेश्वरी, सहायक कार्यक्रम प्रबंधक दिलीप वसुनिया, पब्लिक मैनेजर सांवरिया पाटीदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।