उज्जैन : मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा की स्थापना घर में हो
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प्रत्येक घर में मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमा की स्थापना की जाए, ताकि जल एवं पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।यह विचार ग्राम हत्या खेड़ी में आयोजित सेक्टर स्तरीय माटी गणेश निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम में पटेल श्री भगवान सिंह भाटी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा की स्थापना हमारी परंपरा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।इस अवसर पर पंचायत सचिव श्री शिव प्रसाद मंडलोई ने कहा कि बाजार में केमिकल युक्त रंगों एवं प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से निर्मित गणेश प्रतिमाएं उपलब्ध हैं।
इनके विसर्जन से जल स्रोतों में प्रदूषण फैलता है। इसलिए सभी को प्राकृतिक मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के लिए आगे आना चाहिए।जन अभियान परिषद की विकासखंड समन्वयक श्रीमती रेणुका श्रोत्रिय ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप नवांकुर सखियों को माटी गणेश निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे स्वयं अपने घरों में मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाकर उसकी स्थापना करें और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।माटी गणेश निर्माण का व्यवहारिक प्रशिक्षण मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के छात्र श्री मितेश शर्मा द्वारा दिया गया।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की विभिन्न विधियों की जानकारी दी गई।कार्यक्रम का संचालन एवं आभार नवांकुर संस्था के श्री इंदर सिंह भाटी ने व्यक्त किया।
🎙️ जनता का संदेश का मत
मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा की स्थापना से न केवल परंपरा जीवित रहती है, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का संदेश भी मिलता है। जब हम प्रकृति के प्रति संवेदनशील होते हैं, तो हमें अपने घरों में हर रोज़ छोटे-छोटे कदम उठाने चाहिए—जैसे कचरे का सही निपटान, पानी की बचत और हरित पौधों का रोपण। इस तरह हम समाज को एकजुट करके प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का नया अध्याय लिख सकते हैं।