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उज्जैन की वैश्य टेकरी में जमीन के नीचे छिपे इतिहास की वैज्ञानिक पड़ताल शुरू

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
उज्जैन की वैश्य टेकरी में जमीन के नीचे छिपे इतिहास की वैज्ञानिक पड़ताल शुरू

ASI, MANIT भोपाल और राज्य पुरातत्व विभाग की संयुक्त टीम GPR तकनीक से कर रही सर्वे;

20 मीटर तक जमीन के नीचे संरचनाओं के संकेत तलाशे जा रहे

उज्जैन, अक्टूबर 04: जिले की ऐतिहासिक वैश्य टेकरी में जमीन के नीचे छिपी संभावित ऐतिहासिक संरचनाओं की वैज्ञानिक पड़ताल शुरू हो गई है। कानी-पुरा मार्ग स्थित टेकरी पर ए.एस.आई, मैनिट भोपाल और राज्य पुरातत्व विभाग की संयुक्त टीम जी.पी.आर तकनीक से सर्वे कर रही है। इस तकनीक के जरिए करीब 20 मीटर यानी 60 फीट तक जमीन के अंदर मौजूद संरचनाओं के संकेत हासिल किए जा सकते हैं।

सर्वे अलग-अलग चरणों में किया जाएगा और प्राप्त डेटा के विश्लेषण के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। वैश्य टेकरी पर प्राचीन बौद्ध स्तूप होने की संभावना जताई जाती रही है। भारतीय बौद्ध महासभा के जिलाध्यक्ष रामदास जवादे के अनुसार, यहां मौर्य सम्राट अशोक के काल के करीब 2300 साल पुराने स्तूप के दबे होने की संभावना है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।