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उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग टली:बेंगलुरु में नेशनल लॉ स्कूल में कल दिखाई जानी थी, ABVP ने विरोध किया था

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 19 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग टली:बेंगलुरु में नेशनल लॉ स्कूल में कल दिखाई जानी थी, ABVP ने विरोध किया था

बेंगलुरु की नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) ने उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘प्रिजनर नंबर 626710 इज प्रेजेंट’ की स्क्रीनिंग टाल दी है। यह डॉक्यूमेंट्री ललित वाचानी ने बनाई है। स्क्रीनिंग 14 सितंबर को यूनिवर्सिटी में होनी थी। NLSIU की एंड सोसाइटी कमेटी (LawSoc) ने स्क्रीनिंग टालने के पीछे 'लॉजिस्टिक और सुरक्षा संबंधी कारणों' का हवाला दिया।

दरअसल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शनिवार को NLSIU मैनेजमेंट से स्क्रीनिंग रद्द करने की मांग की थी। दिल्ली दंगे का आरोपी उमर खालिद JNU का पूर्व छात्र है। वह सितंबर 2020 से तिहाड़ जेल में बंद है। दिल्ली में फरवरी, 2020 में हिंसा भड़की थी। इसमें 53 लोगों की मौत हुई थी। कैंपस में फिल्म/डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग के नियम क्या हैं पूर्व अनुमति जरूरी: स्क्रीनिंग या किसी कार्यक्रम के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की लिखित अनुमति लेनी होती है।

सुरक्षा और व्यवस्था: अनुमति देते समय कैंपस की सुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाती है। कार्यक्रम रद्द या स्थगित: विवाद, तनाव या शैक्षणिक माहौल प्रभावित होने की आशंका पर प्रशासन स्क्रीनिंग रोक सकता है। कॉपीराइट नियम: फिल्म दिखाने के लिए आवश्यक कॉपीराइट या पब्लिक परफॉर्मेंस लाइसेंस का पालन करना होता है।

शैक्षणिक उद्देश्य: फिल्म की स्क्रीनिंग को पाठ्यक्रम, कानूनी-सामाजिक मुद्दों या अकादमिक चर्चा से जुड़ा होना चाहिए। उमर खालिद पर दंगे के आरोप अभी साबित नहीं हुए उमर खालिद पर दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश, आपराधिक साजिश और UAPA के तहत आरोप हैं। ये अभियोजन पक्ष के आरोप हैं और अदालत में अभी साबित नहीं हुए हैं।

उमर खालिद ने आरोपों से इनकार किया है। 6 साल पहले दिल्ली में CAA को लेकर तनाव बढ़ा, दंगा हुआ फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में तनाव बढ़ा। 23–26 फरवरी के बीच कई इलाकों में दंगे, आगजनी और पथराव हुआ। हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग घायल हुए।

घरों, दुकानों, वाहनों और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचा। दिल्ली पुलिस ने कुछ लोगों पर दंगों की कथित बड़ी साजिश रचने, प्रदर्शनकारियों को जुटाने और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- उमर खालिद को बेल मिल सकती थी

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

उमर खालिद, एक भारतीय राजनेता, पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘प्रिजनर नंबर 626710 इज प्रेजेंट’ की स्क्रीनिंग बेंगलुरु की नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी में कल होने वाली थी। यह फिल्म ललित वाचानी द्वारा बनाई गई है और इसमें खालिद के राजनीतिक जीवन और विवादों को दर्शाया गया है। स्क्रीनिंग को लॉजिस्टिक और सुरक्षा कारणों से टाल दिया गया, जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विरोध किया। यह घटना विश्वविद्यालय की स्वतंत्र अभिव्यक्ति और राजनीतिक बहस पर प्रकाश डालती है। यदि स्क्रीनिंग नहीं हुई तो छात्

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