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उम्र की धोखाधड़ी में 62 भारतीय खिलाड़ियों पर चला हंटर, मिली बड़ी सजा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 25 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
उम्र की धोखाधड़ी में 62 भारतीय खिलाड़ियों पर चला हंटर, मिली बड़ी सजा

ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ वनडे और मल्टी-डे सीरीज के लिए भारतीय अंडर-19 स्क्वॉड में चुने गए रोहित यादव को लेकर गुरुवार को खबर आई थी कि बीसीसीआई ने उनके ऊपर 2 साल का प्रतिबंध लगा दिया है.

दरअसल उनपर उम्र गलत बताने का आरोप है. अब इससे जुड़ी एक और बड़ी खबर आई है.

सिर्फ रोहित नहीं, बल्कि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल ने उम्र से जुड़ी गड़बड़ी के कारण 62 खिलाड़ियों पर कार्यवाई की है. इसमें अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य भी हैं.

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले रोहित यादव श्रीलंका दौरे पर गई भारत की अंडर-19 टीम शामिल थे, उन्होंने वहां 6 विकेट लिए थे.

इसी महीने भारत की अंडर-19 टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 मैचों की वनडे और 2 मल्टी-डे मैचों की सीरीज खेलेगी, दोनों के स्क्वॉड में रोहित को शामिल किया गया था. रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई ने उन पर 2 साल का बैन लगा दिया है.

62 खिलाड़ियों पर हुई कार्यवाई

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल ने 62 खिलाड़ियों को दस्तावेजों और उम्र से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण 2026-27 और 2027-28 सीजन के दौरान किसी भी टूर्नामेंट के लिए रजिस्ट्रेशन या ट्रांसफर के लिए अयोग्य घोषित किया है.

अयोग्य घोषित किए गए खिलाड़ियों में भारत की 2022 अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे रवि कुमार और बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर विशाल भट्टी भी हैं.

रवि की उम्र में 45 महीने की गड़बड़ी पाई गई है. कई खिलाड़ियों की उम्र में तो कई सालों का अंतर है.

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रोहित के आधार रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी

रोहित यादव की बात करें तो उनके 3 अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र की बात सामने आई है.

रिपोर्ट के अनुसार उनके

📡 स्रोत: ABP Live Khel

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live Khel पर जाएं)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

इस खबर में भारत के 62 क्रिकेट खिलाड़ियों पर उम्र की धोखाधड़ी के आरोप में कार्यवाही की गई है। यह मामला रोहित यादव के साथ शुरू हुआ, जिन्हें बीसीसीआई ने दो वर्ष के प्रतिबंध के साथ दंडित किया। इसके बाद बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन ने व्यापक जांच कर 62 खिलाड़ियों को भी दंडित किया। यह घटना खेल जगत में सत्यनिष्ठा और नियमों के पालन की गंभीरता को उजागर करती है। जनता के लिए इसका मतलब है कि खेल में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की आवश्यकता है, जिससे युवा खिलाड़ियों में विश्वास और अनुशासन बढ़ेगा।

🎙️ जनता का संदेश का मत

उम्र‑जाल से खेल‑जगत में हुए इस हादसे से हमें यह सिखने को मिलता है कि सत्यता और पारदर्शिता किसी भी क्षेत्र की नींव होती है। जब कोई धोखा देता है, तो उसकी ज़िम्मेदारी पर खड़ा होना चाहिए, न कि छिपकर भागना। समाज को चाहिए कि युवा अपनी क्षमताओं पर भरोसा करें, न कि आँकड़ों पर। इस घटना से प्रेरित होकर हमें अपने सपनों को ईमानदारी के साथ आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि खेल और समाज दोनों में विश्वास बना रहे।

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