यूपीः आगरा में 49 केंद्रों पर PET-2026 परीक्षा शुरू, 1.36 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल
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आगरा में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा PET-2026 कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की जा रही है। जिले में परीक्षा के लिए 49 केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 1 लाख 36 हजार 656 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली गई और प्रवेश पत्रों की जांच के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी गई।
परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बैकुंठी देवी इंटर कॉलेज और बीडी जैन इंटर कॉलेज समेत विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निगरानी के लिए 49 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 49 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है और पुलिस बल भी तैनात है। रविवार को पहली पाली की परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने पेपर को अच्छा बताया। हालांकि, कुछ अभ्यर्थियों के मुताबिक करंट अफेयर्स और रीजनिंग के सवालों ने उन्हें थोड़ा उलझाया। PET-2026 परीक्षा 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को दो-दो पालियों में आयोजित की जा रही है।
बाइट- अंजली, परीक्षार्थी बाइट- समीक्षा, परीक्षार्थी
बाइट- जुगेश कुमार, परीक्षार्थी बाइट- मोनिका राजपूत, परीक्षार्थी
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSC) द्वारा आगरा में आयोजित PET‑2026 परीक्षा के बारे में है, जिसमें 49 केंद्रों पर 1.36 लाख से अधिक अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं। यह विषय सरकारी नौकरी के लिए प्रारंभिक अर्हता परीक्षा है, जो भविष्य के करियर के लिए महत्वपूर्ण कदम है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को एक साथ सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से परीक्षा देने की व्यवस्था की गई है, जिससे सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी। आम जनता पर इसका असर यह है कि रोजगार
🎙️ जनता का संदेश का मत
PET‑2026 की तैयारी में 49 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा ने दिखाया कि अनुशासन और पारदर्शिता से सफलता मिलती है। यह उदाहरण हमें याद दिलाता है कि किसी भी संघर्ष में शांतिपूर्ण, कानूनी मार्ग अपनाने से समाज में विश्वास बढ़ता है। जब हम नियमों का पालन करते हैं, तो हम न केवल स्वयं को सुरक्षित रखते हैं, बल्कि समाज को भी एकजुट करते हैं। इस प्रकार की जिम्मेदारी से ही भविष्य की प्रगति सुनिश्चित होती है।