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उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कल्पना मिश्रा की मौत की मजिस्ट्रेटियल जांच के दिए निर्देश, अनशन स्थल जाकर मृतका के पिता से मिले

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 सितंबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कल्पना मिश्रा की मौत की मजिस्ट्रेटियल जांच के दिए निर्देश, अनशन स्थल जाकर मृतका के पिता से मिले

कलेक्टर ने एसडीएम सिरमौर को 30 दिनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के दिए आदेश, प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए दो डॉक्टर और नर्स पहले ही निलंबित

रीवा, 4 सितंबर। संजय गांधी अस्पताल में उपचार के दौरान महिला श्रीमती कल्पना मिश्रा की हुई मौत का मामला अब मजिस्ट्रेटियल जांच के दायरे में आ गया है। घटना से आहत मृतका के पिता श्री राम शिरोमणि मिश्रा द्वारा सिरमौर चौराहे पर शुरू किए गए आमरण अनशन के बीच उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल शुक्रवार को अनशन स्थल पहुंचे और उनसे मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।

उप मुख्यमंत्री ने मृतका के पिता से उनकी शिकायत और मांगों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कलेक्टर को घटना की मजिस्ट्रेटियल जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मृतका के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बेटी कल्पना की मौत बेहद दुखद है और इस कठिन समय में सरकार उनके साथ है।

उप मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश जारी कर दिए। जांच की जिम्मेदारी एसडीएम सिरमौर श्रीमती दृष्टि जायसवाल को सौंपी गई है। उन्हें मामले की जांच कर 30 दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन के अनुसार, मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए दो डॉक्टरों और नर्सों के विरुद्ध पहले ही निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है। अब मजिस्ट्रेटियल जांच में घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।

मृतका के पिता श्री राम शिरोमणि मिश्रा घटना की जांच और जिम्मेदार चिकित्सकीय अमले के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। उप मुख्यमंत्री के मौके पर पहुंचने और जांच के आदेश दिए जाने के बाद अब पूरे मामले की प्रशासनिक जांच शुरू हो गई है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

कल्पना मिश्रा की संजय गांधी अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मृत्यु पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दिए हैं। यह विषय अस्पताल में रोगी सुरक्षा और चिकित्सा कर्मियों की ज़िम्मेदारी पर प्रकाश डालता है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में विश्वास को प्रभावित करती है और दिखाती है कि उच्च अधिकारी चिकित्सा दुर्घटनाओं पर कैसे कार्रवाई करते हैं। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि रोगी और परिवार अस्पतालों में उपचार के दौरान अधिक सतर्क रहेंगे,

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।