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यूपी के सोनभद्र में बच्चों को प्रयोग से विज्ञान सिखाने की पहल, उच्च प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी में जिले की पहली एस्ट्रो लैब स्थापित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
यूपी के सोनभद्र में बच्चों को प्रयोग से विज्ञान सिखाने की पहल, उच्च प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी में जिले की पहली एस्ट्रो लैब स्थापित

किताबों में विज्ञान पढ़ना और उसे अपनी आंखों के सामने घटित होते देखना, दोनों में बड़ा अंतर होता है। इसी अंतर को कम करने के लिए सोनभद्र जिला प्रशासन ने अनूठी पहल की है। आकांक्षी जनपद सोनभद्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी में जिले की पहली एस्ट्रो लैब स्थापित की गई है। यहां बच्चे विभिन्न मॉडलों के जरिए सौरमंडल, ग्रहों की संरचना, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण और दिन-रात होने की प्रक्रिया को समझ रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ प्रयोग आधारित शिक्षा देना और विज्ञान के प्रति उनकी रुचि बढ़ाना है।

विद्यालय की अध्यापिकाओं के मुताबिक, एस्ट्रो लैब में बच्चे मॉडलों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को आसानी से समझ रहे हैं। इससे उनकी जिज्ञासा बढ़ रही है और वे सवाल पूछने के साथ ही गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। वहीं, सोनभद्र की मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने बताया कि आकांक्षी जनपद को नीति आयोग से दो लाख रुपये का पुरस्कार मिला था।

इसी राशि का इस्तेमाल कर विद्यालय में एस्ट्रो लैब स्थापित की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि पांच से छह स्कूलों के बीच कम से कम एक विद्यालय में इस तरह की लैब स्थापित की जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और प्रयोग आधारित शिक्षा मिल सके।

बाइट 1: जागृति अवस्थी, मुख्य विकास अधिकारी, सोनभद्र

बाइट 2: छात्रा

बाइट 3: छात्रा

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।