राजनीति

यूपी के वाराणसी में एसआईआर पर राहुल गांधी के आरोपों को संबित पात्रा ने किया खारिज

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
यूपी के वाराणसी में एसआईआर पर राहुल गांधी के आरोपों को संबित पात्रा ने किया खारिज

वाराणसी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया। वाराणसी के सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी 13 करोड़ वोटों की चोरी का आरोप लगा रहे हैं। अगर वास्तव में इतने बड़े पैमाने पर वोटों की चोरी हुई होती तो देशभर में जनआक्रोश दिखाई देता और लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे होते।संबित पात्रा ने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है।

देश में अब तक 12 बार विशेष गहन पुनरीक्षण हो चुका है। इनमें 10 बार कांग्रेस शासनकाल और दो बार भाजपा सरकार के दौरान यह प्रक्रिया अपनाई गई। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए एएसडीडी (ASDD) फॉर्मूले के तहत अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों का सत्यापन किया जाता है।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर पात्रा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार 19 फरवरी 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त बने, जबकि भाजपा इससे पहले 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव जीत चुकी थी।

उन्होंने 2014 के चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत थे, जिनकी नियुक्ति कांग्रेस सरकार के दौरान हुई थी। इसके बावजूद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने। पात्रा ने सवाल उठाया कि क्या उस समय कांग्रेस ने चुनाव आयुक्त की नियुक्ति भाजपा को जिताने के लिए की थी?कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में 59 वर्ष, पश्चिम बंगाल में 49 वर्ष, उत्तर प्रदेश में 37 वर्ष, बिहार में 36 वर्ष, त्रिपुरा में 33 वर्ष और ओडिशा में 26 वर्ष से कांग्रेस सत्ता से बाहर है।

उन्होंने सवाल किया कि क्या इन राज्यों में कांग्रेस की हार भी एसआईआर की वजह से हुई? पात्रा ने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक कमजोरियों और अपने कर्मों के कारण सत्ता से बाहर हुई है।संबित पात्रा ने बताया कि वर्तमान एसआईआर प्रक्रिया अक्टूबर 2025 में शुरू हुई थी और इसे लगभग 10 अप्रैल 2026 तक पूरा करने का कार्यक्रम है।

उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए मतदाता सूची का शुद्धिकरण जरूरी है। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर राजनीतिक आरोप लगाना उचित नहीं है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।