राज्य

यूपी के योगी सरकार का किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों को बड़ा तोहफा!

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
यूपी के योगी सरकार का किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों को बड़ा तोहफा!

वीओ - दिवाली से पहले यूपी की योगी सरकार ने किसानों और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत दी है... मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा राहत के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता की दरों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी का फैसला किया है... इसके तहत फसल नुकसान से लेकर पशुधन और मकानों के नुकसान तक पर अब पहले से ज्यादा मुआवजा मिलेगा...सबसे बड़ी राहत यह है कि प्राकृतिक आपदा में किसी व्यक्ति की मौत होने पर अब उसके परिजनों को 4 लाख की जगह 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी...

वहीं, फसल बर्बाद होने पर किसानों को पहले के मुकाबले 25 से 30 फीसदी तक ज्यादा मुआवजा मिलेगा... खास बात ये है कि राहत का दायरा सिर्फ फसल नुकसान तक सीमित नहीं है... पशुओं की मौत, कृषि भूमि को नुकसान, मकानों की क्षति और शिक्षा समेत सार्वजनिक सुविधाओं के नुकसान पर भी सहायता राशि बढ़ाई गई है...

तो आइए जानते हैं कि नए मानकों के तहत अब किस नुकसान पर कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी -

GRAPHICS IN - हेडर - यूपी में आपदा राहत के नए मानक

  • (सबसे पहले फसल नुकसान की बात करें तो) सिंचित क्षेत्र में अब 17 हजार की जगह 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी
  • (वहीं) असिंचित क्षेत्र में फसल बर्बाद होने पर 8,500 की जगह 11 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे
  • (जबकि) बारहमासी फसलों और कृषि वानिकी के नुकसान पर 22,500 की जगह 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे
  • (इसी तरह) एरी, शहतूत और टसर रेशम उत्पादन में नुकसान पर सहायता 6 हजार से बढ़ाकर 7,800 रुपये प्रति हेक्टेयर की गई है
  • (जबकि) मूगा रेशम उत्पादन में नुकसान पर 7,500 की जगह 9,800 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे
  • (इसके अलावा) कृषि भूमि से गाद हटाने के लिए अब 18 हजार की जगह 23 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी
  • (वहीं) भूस्खलन और हिमस्खलन से जमीन को नुकसान होने पर 47 हजार की जगह 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे
  • (पशुधन की बात करें तो) बड़े पशुओं की मौत पर 50 हजार रुपये की सहायता निर्धारित की गई है
  • (जबकि) छोटे पशु की मौत पर मुआवजा राशि बढ़ाकर 5,500 कर दी गई है
  • (इसी क्रम में) घोड़े और खच्चर जैसे भारवाहक पशुओं की मौत पर 20 हजार की जगह 25,400 रुपये दिए जाएंगे
  • (वहीं) मुर्गीपालकों को प्रति मुर्गी 130 रुपये की सहायता मिलेगी
  • (क्षतिग्रस्त मकानों की बात करें तो) मैदानी क्षेत्रों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के लिए 1.85 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं
  • (जबकि) पहाड़ी क्षेत्रों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के लिए 2.06 लाख रुपये की सहायता मिलेगी
  • (वहीं) मैदानी क्षेत्रों में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए 93 हजार रुपये दिए जाएंगे
  • (इसके अलावा) आपदा प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में 30 दिनों तक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है
  • (जबकि) सूखे की स्थिति में 90 दिनों तक पेयजल सहायता दी जाएगी
  • (शिक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे की बात करें तो) प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत के लिए 15.50 लाख रुपये तक की मदद मिलेगी
  • (वहीं) माध्यमिक विद्यालयों, इंटर कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थानों की मरम्मत के लिए 26 लाख रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है

GRAPHICS OUT -

वीओ - जाहिर है, योगी सरकार के इस फैसले से प्राकृतिक आपदा की मार झेलने वाले किसानों, पशुपालकों और आम परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी... वहीं, सरकार के नए राहत मानक 1 अप्रैल से 4 नवंबर 2026 तक हुए नुकसान पर भी लागू होंगे... यानी इस अवधि में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों और परिवारों को बढ़ी हुई दरों के हिसाब से मुआवजा मिल सकेगा... सरकार के इस फैसले से खेती, पशुपालन और मकानों को हुए नुकसान की भरपाई में प्रभावित लोगों को पहले से ज्यादा आर्थिक मदद मिलेगी...

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिवाली से पहले किसानों और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को दी गई बड़ी राहत के बारे में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फसल, पशुधन और मकान के नुकसान के लिए मुआवजा दरों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे प्रभावित लोगों को बेहतर आर्थिक सहायता मिलेगी। यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कृषि क्षेत्र और आपदा प्रभावित समुदायों के लिए आर्थिक सुरक्षा बढ़ाता है, जिससे उनकी पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया तेज होगी। आम जनता पर इसका असर यह होगा कि किसानों और आपदा पीड़ि

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।