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उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए मानकीकृत उत्पादों को दें प्राथमिकता: राहुल कुमार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए मानकीकृत उत्पादों को दें प्राथमिकता: राहुल कुमार

उपायुक्त की अध्यक्षता में भारतीय मानक ब्यूरो की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

अगस्त 09, बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश): भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), शाखा कार्यालय परवाणू स्थित चंडीगढ़ द्वारा जिला प्रशासन बिलासपुर के सहयोग से जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। कार्यशाला में अतिरिक्त उपायुक्त रूपिंदर कौर भी विशेषतौर पर मौजूद रहीं।

कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों को भारतीय मानकों, उपभोक्ता अधिकारों, गुणवत्ता आश्वासन, हॉलमार्किंग तथा विधिक माप विज्ञान (लीगल मेट्रोलॉजी) से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी प्रदान करना रहा। इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं मानकीकृत उत्पादों का उपयोग उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वह अपने-अपने विभागों के माध्यम से भारतीय मानकों, हॉलमार्किंग तथा गुणवत्ता प्रमाणन संबंधी जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही अधिकारियों से कार्यालयों में सामान खरीदते समय भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित मानकों को ध्यान रखते हुए केवल आईएसआई मार्क वाले उत्पादों को ही प्राथमिकता दें।

साथ ही इलेक्ट्रिक एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों को खरीदते वक्त एसआरएस मानक को भी ध्यान में रखें। उन्होंने अधिकारियों से भारतीय मानक ब्यूरो की बीआईएस केयर ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करने को भी कहा, जिसके माध्यम से विभिन्न उत्पादों की गुणवत्ता को जांचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से जहां हॉलमार्क ज्वैलरी की प्रामाणिकता को जांचा जा सकता है तो वहीं बीईएस के अनिवार्य प्रमाणन के अंतर्गत आने वाले उत्पादों और लाइसेंसों की सरलीकृत प्रक्रिया के अंतर्गत आने वाले उत्पादों तक भी पहुंच सकते हैं।

इसके साथ-साथ उत्पाद की गुणवत्ता के संबंध में शिकायत अथवा आईएसआई मुहर के दुरुपयोग के संबंध में भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने इस संबंध में समाज के दूसरे लोगों को भी जागरूक करने पर जोर दिया। कार्यशाला में भारत मानक ब्यूरो शाखा कार्यालय परवाणू के निदेशक शिव प्रकाश ने अधिकारियों का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि आभूषण खरीदते समय उपभोक्ताओं सुनिश्चित कर लें कि ज्वैलर द्वारा उपयोग की जा रही इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा सत्यापित (वेरिफाइड) हो तथा उसकी सटीकता 1 मिलीग्राम तक हो।

दुकान में विधिक माप विज्ञान विभाग का वैध सत्यापन प्रमाण-पत्र प्रदर्शित होना चाहिए, जिसमें मशीन के सत्यापन की तिथि एवं उसकी सटीकता का उल्लेख हो। साथ ही उपभोक्ताओं को खरीदारी से पूर्व इस प्रमाण-पत्र का अवलोकन अवश्य कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हॉलमार्क युक्त स्वर्ण आभूषण खरीदते समय तीन प्रमुख पहचान चिन्हों का ध्यान रखें जिनमें बीआईएस का लोगो, शुद्धता (प्योरिटी) का अंकन तथा छह अंकों वाला एचयूआईडी संख्या का होना अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि इन तीनों चिन्हों की उपस्थिति ही वास्तविक बीआईएस हॉलमार्क की पहचान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आभूषण पर हॉलमार्क तत्काल नहीं लगाया जा सकता, इसके लिए अधिकृत एसेइंग एवं हॉलमार्किंग केंद्र में आभूषण की वैज्ञानिक जांच एवं परीक्षण किया जाता है। परीक्षण में शुद्धता प्रमाणित होने के बाद ही हॉलमार्क अंकित किया जाता है।

उन्होंने बताया कि हॉलमार्किंग के नाम पर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त राशि वसूलना अनुचित है। प्रत्येक आभूषण की परीक्षण एवं हॉलमार्किंग के लिए अधिकृत केंद्र द्वारा निर्धारित शुल्क केवल 45 रूपये प्रति वस्तु निर्धारित है तथा जिसे बिल में अलग से दर्शाया जाता है। इसके अतिरिक्त हॉलमार्किंग के नाम पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लिया जाना नियमों के विरूद्ध है।

उन्होंने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को तौल में गड़बड़ी, हॉलमार्किंग अथवा अन्य संबंधित मामलों में शिकायत हो, तो वह राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अतिरिक्त संबंधित विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण एवं सत्यापन की प्रक्रिया भी नियमित रूप से संचालित की जाती है।

उन्होंने उपभोक्तओं से बिल अवश्य लेने का आह्वान किया ताकि भविष्य में उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े। कार्यशाला के दौरान भारतीय मानकों से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने पेयजल के मानकों के संबंध में बताया कि पानी के विभिन्न उपयोगों एवं श्रेणियों के लिए अलग-अलग भारतीय मानक निर्धारित हैं।

पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर, उसके स्रोत (रॉ वाटर) तथा प्रसंस्करण प्रक्रिया के लिए भी पृथक मानकों का पालन अनिवार्य है, जिससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। इस दौरान सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान बिलासपुर प्रवीण सीउटा ने भी अधिकारियों को विधिक माप विज्ञान से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए उपभोक्ताओं से सामान खरीदते वक्त बिल आवश्यक प्राप्त करने तथा सामान का अधिकतम खुदरा मूल्य, सामान की निर्माण एवं पैकिंग तिथि, शुद्ध वजन इत्यादि की जांच अवश्य कर लें।

कार्यशाला में बीआईएस कार्यालय की ओर से प्रणय जैन, विक्रम आचले, पंकज पटियाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

इस खबर में बताया गया है कि बिलासपुर में भारतीय मानक ब्यूरो ने जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए मानकीकृत उत्पादों पर एक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की है, जिसका नेतृत्व उपायुक्त राहुल कुमार ने किया। यह विषय उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए उत्पादों में मानकीकरण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि मानकीकृत उत्पादों से उपभोक्ताओं को विश्वसनीयता, गुणवत्ता और सुरक्षा का भरोसा मिलता है, जिससे बाजार में अनियमित वस्तुओं का प्रसार रोका जा सकता है। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक है, क्योंक

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।