UPI पर ग्राहकों से चार्ज वसूला तो ब्लॉक होगा QR कोड, सरकार की बड़ी तैयारी
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UPI से 2000 से ज्यादा के पेमेंट पर मर्चेंट को चार्ज देना होगा.
मर्चेंट ये चार्ज ग्राहकों से न वसूल कर पाएं, इसके लिए सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर काम कर रही है, जिससे अगर कोई व्यापारी भविष्य में ग्राहकों से चार्ज लेने की कोशिश करे तो उसपर लगाम लगाई जा सके.
ग्राहक से MDR लेने पर QR कोड हो सकता है ब्लॉक
नई व्यवस्था में नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई का विकल्प भी रखा जा सकता है.
अगर कोई व्यापारी ग्राहक से जबरदस्ती MDR शुल्क वसूलता पाया जायेगा तो उसका UPI और कोड ब्लॉक किया जा सकता है. इससे व्यापारी के लिए UPI के जरिए भुगतान स्वीकार करना संभव नहीं रह पाएगा.
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शिकायतों के समाधान के लिए बनाएंगे व्यवस्था
इसके अलावा ग्राहकों की शिकायतों के निपटारे के लिए एक समर्पित शिकायत निवारण व्यवस्था बनाने पर भी अधिक विचार किया जा रहा है.
इसके जरिए ग्राहक MDR के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने की स्थिति में अपनी शिकायत आराम से बिना किसी परेशानी के दर्ज करा सकते हैं.
सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था का मकसद सिर्फ यही है कि UPI भुगतान के दौरान ग्राहकों से अनुचित शुल्क वसूले जाने पर रोक लगाई जाए, साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई सुनिश्चित की जा सके.
बता दें कि 15 अक्टूबर से देश भर में यूपीआई पर चार्ज वाला नियम लागू हो जाएगा.
एनपीसीआई के मुताबिक 2000 रुपए से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर मर्चेंट पर 0.4% की दर से चार्ज लगाया जाएगा और चार्ज पर 18 फीसदी जीएसटी भी वसूला जाएगा.
ऐसे में मर्चेंट को 2000 रुपए के पेमेंट पर करीब 9 रुपए 44 पैसे चार्ज देना होगा.
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar