UPI पर MDR को लेकर अटकलों पर वित्त मंत्रालय ने जारी किया स्पष्टीकरण
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सितंबर 17, नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट सेवा UPI पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू किए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर वित्त मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय ने उन दावों को खारिज किया है, जिनमें UPI पर MDR लागू करने को किसी बाहरी या विदेशी दबाव से जोड़ा जा रहा था।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जारी स्पष्टीकरण में कहा है कि UPI पर MDR से जुड़े फैसले को किसी विदेशी दबाव के संदर्भ में देखना सही नहीं है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय यानी USTR की 2026 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए UPI इकोसिस्टम में RuPay क्रेडिट कार्ड को प्राथमिकता दिए जाने और थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर्स के लिए 30 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी की सीमा को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे।
वित्त मंत्रालय ने इन दावों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि UPI पर MDR से संबंधित नीतिगत निर्णय भारत के अपने डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम और उससे जुड़े हितधारकों को ध्यान में रखते हुए लिए जाते हैं।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर UPI पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने के दावों के बारे में है, जिसे सोशल मीडिया पर गलत सूचना के रूप में फैलाया गया था। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस निर्णय पर किसी विदेशी दबाव का कोई असर नहीं है और यह पूरी तरह से घरेलू नीति है। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि MDR से व्यापारी और उपभोक्ता दोनों प्रभावित होते हैं, और गलतफहमी से व्यापारियों को अनावश्यक भय हो सकता है। यदि MDR लागू होता है, तो व्यापारियों के लेनदेन लागत बढ़ सकती है, जबकि उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर कम रहेगा, प