UPI MDR: क्या अब गूगल पे, फोन पे और Paytm जैसी पेमेंट Apps भी वसूलेंगी चार्ज?
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अगर आप भी रोजाना सब्जी खरीदने, शॉपिंग करने या ऑनलाइन पेमेंट के लिए Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो UPI से जुड़ी नई व्यवस्था को समझना बेहद जरूरी है. 15 अक्टूबर से कुछ बड़े UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने की बात कही गई है.
ऐसे में लोगों कि मन में सवाल है कि क्या अब डिजिटल पेमेंट करना महंगा हो जाएगा.
दरअसल, MDR वह चार्ज है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले कारोबारियों से लिया जाता है.
हालांकि, इस चार्ज का मतलब यह नहीं है कि हर UPI पेमेंट पर ग्राहकों को अतिरिक्त पैसे देने होंगे.
आइए जानते हैं Google Pay, PhonePe व Paytm इस्तेमाल करने वालों के लिए इसका क्या असर पड़ है.
क्या UPI ऐप्स पेमेंट करने पर वसूलेंगी चार्ज?
Google Pay, PhonePe और Paytm जैसी ऐप्स के जरिए UPI पेमेंट करने पर ग्राहकों से सीधे प्लेटफॉर्म चार्ज लेने की बात इस नई व्यवस्था में शामिल नहीं है.
जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होने की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये बताई गई है. इस चार्ज का पेमेंट व्यापारी को करना होगा.
इसके तहत ग्राहकों से अतिरिक्त चार्ज के रूप में वसूलने की अनुमति नहीं होगी.
UPI ट्रांजैक्शन में क्यों आई गिरावट?
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में UPI के जरिए कुल 2,407 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जबकि अगस्त में यह संख्या 2,450 करोड़ थी.
यानी इसमें करीब 1.8% की गिरावट दर्ज की गई.
वहीं, अगस्त में UPI ट्रांजैक्शन का कुल मूल्य 29.82 लाख करोड़ रुपये था. लेकिन सितंबर में यह घटकर 29.37 लाख करोड़ रुपये रह गया.
यानी कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में करीब 1.5% की गिरावट आई.
हालांकि, उद्योग से जुड़े जानकारों ने इसकी एक वजह अगस्त में 31 दिन और सितंबर में 30 दिन होना बताया. उनके मुताबिक, रोजाना के औसत लेनदेन में गिरावट नहीं आई थी.
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📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
UPI पर अब मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने की योजना है, जिससे Google Pay, PhonePe और Paytm जैसी पेमेंट ऐप्स को भी चार्ज लेना पड़ सकता है। यह बदलाव 15 अक्टूबर से कुछ बड़े UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह डिजिटल पेमेंट के खर्चों में बदलाव का संकेत देती है, जो उपभोक्ताओं के रोज़मर्रा के लेनदेन को प्रभावित कर सकती है। यदि MDR बढ़ता है, तो उपभोक्ता को अधिक खर्च वहन करना पड़ सकता है, जिससे ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर आर्थिक