उर्दू माध्यम के SSC परीक्षार्थियों के लिए मसीहा बने ओवैसी, दी आर्थिक मदद, केंद्र पर हमला
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अल्पसंख्यक शिक्षा के प्रति अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए AIMIM अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार (5 नवंबर) को हैदराबाद के सरकारी उर्दू माध्यम स्कूलों के लगभग 1,600 छात्रों को SSC परीक्षा शुल्क के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की.
पार्टी मुख्यालय 'दारुस्सलाम' में आयोजित इस कार्यक्रम को 'मजलिस चैरिटीज एजुकेशनल एंड रिलीफ ट्रस्ट' की तरफ से आयोजित किया गया था.
परीक्षा शुल्क के लिए चेक संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों और हेडमास्टरों को सौंपे गए, ताकि उर्दू माध्यम के छात्रों की महत्वपूर्ण बोर्ड परीक्षाओं में आर्थिक तंगी कोई बाधा न बने.
इस मंच का उपयोग करते हुए ओवैसी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला भी बोला.
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार सालों से मुस्लिम छात्रों के लिए 'प्री-मैट्रिक', 'पोस्ट-मैट्रिक' और 'मेरिट-कम-मीन्स' स्कॉलरशिप बंद कर दी गई हैं.
CBI ने सरकार को स्कॉलरशिप रोकने का निर्देश नहीं दिया- ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार के उस तर्क पर सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि मुख्तार अब्बास नकवी के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार और CBI की चल रही जांच के कारण स्कॉलरशिप रोकी गई है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि CBI ने कभी भी सरकार को स्कॉलरशिप रोकने का निर्देश नहीं दिया था.
उन्होंने इसे 'संस्थागत उपेक्षा' करार देते हुए कहा, पिछले चार साल से स्कॉलरशिप रोककर आप छात्रों के साथ अन्याय कर रहे हैं. मैं केंद्र सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा करता हूं.
मुस्लिम समुदाय के सामने आने वाली शैक्षिक चुनौतियों पर बोले ओवैसी
मुस्लिम समुदाय के सामने आने वाली शैक्षिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए, ओवैसी ने आंकड़ों के जरिए बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर मुसलमानों का '
📡 स्रोत: ABP Live