खेल

उत्तर प्रदेश- 'ललितपुर का गौरव', दिव्यांग पैरा-एथलीट सृजल राठौर ने मैराथन में जीता स्वर्ण, राष्ट्रीय खेल रत्न से सम्मानित

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश

ललितपुर, उत्तर प्रदेश - कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों, तो शारीरिक सीमाएं भी इंसान की सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं। इस बात को सच साबित कर दिखाया है ललितपुर के युवा पैरा-एथलीट सृजल राठौर ने। अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और संघर्ष के दम पर उन्होंने न सिर्फ ललितपुर का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन गए हैं।

देहरादून में आयोजित प्रतिष्ठित मैराथन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। संघर्ष और खेल के प्रति अटूट जुनून सिविल लाइंस स्थित चूका बाग क्षेत्र के साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले सृजल के पिता श्री संतोष राठौर एक किसान हैं और माता गृहिणी हैं।

परिवार की सामान्य आर्थिक स्थिति और अपनी शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद सृजल ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने खेलों को ही अपनी ताकत बनाया और नियमित अभ्यास से खुद को तराशा। उनकी इस शानदार यात्रा में उनके परिवार के साथ-साथ ललितपुर के जिलाधिकारी श्री सत्य प्रकाश, IAS और जिला प्रशासन का भी पूरा सहयोग रहा।

प्रशासन द्वारा उन्हें खेल उपकरणों और अभ्यास के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गईं, जिससे उनके सपनों को नई उड़ान मिली। एथलेटिक्स और टेबल टेनिस में शानदार प्रदर्शन सृजल का खेल सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है स्वर्ण पदक (देहरादून मैराथन): अपनी बेहतरीन दौड़ और सहनशक्ति का परिचय देते हुए उन्होंने देहरादून मैराथन में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

‘रन फॉर गोमती’ (लखनऊ): लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित इस प्रतियोगिता में उन्होंने 10.5 किलोमीटर की दौड़ मात्र 42 मिनट 38 सेकंड में पूरी की। माउंटेन रन: इसके अलावा 10 किलोमीटर की कठिन माउंटेन रन को उन्होंने 56 मिनट 25 सेकंड में पूरा कर अपनी फिटनेस का उत्कृष्ट उदाहरण दिया। केवल एथलेटिक्स ही नहीं, बल्कि पैरा टेबल टेनिस में भी सृजल ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।

लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश पैरा टेबल टेनिस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने शीर्ष तीन में स्थान बनाते हुए आगामी नवंबर में वडोदरा में होने वाले राष्ट्रीय रैंकिंग पैरा टेबल टेनिस टूर्नामेंट के लिए शानदार तरीके से क्वालीफाई किया है। राष्ट्रीय खेल रत्न पुरस्कार से सम्मान खेल के क्षेत्र में उनके इन अनुकरणीय योगदान और उपलब्धियों के सम्मानस्वरूप, लखनऊ के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उन्हें 'स्वर्ण भारत परिवार ट्रस्ट' द्वारा राष्ट्रीय खेल रत्न पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान उनकी मेहनत और संघर्ष की एक बड़ी बानगी है। सृजल का अगला लक्ष्य: पैरालंपिक में देश का प्रतिनिधित्व सृजल राठौर की निगाहें अब और भी ऊंचे मुकाम पर टिकी हैं। उनका अंतिम सपना पैरालंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करना और देश के लिए पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाना है। सृजल की यह कहानी हम सभी को यह संदेश देती है कि यदि आपके पास दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर अभ्यास का जज़्बा हो, तो दुनिया की कोई भी चुनौती आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।

हिन्दी संवाद न्यूज से रिपोर्टर वी.

संघर्ष बलरामपुर।

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।