उत्तराखंड: आरटीआई अधिनियम की 21वीं वर्षगांठ पर राज्यपाल ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया जोर
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स्लग- आरटीआई अधिनियम की 21वीं वर्षगांठ- देहरादून
Category- शासन / प्रशासन
उत्तराखंड: आरटीआई अधिनियम की 21वीं वर्षगांठ पर राज्यपाल ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया जोर
एंकर- सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की 21वीं वर्षगांठ के अवसर पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के लोक भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली जितनी अधिक पारदर्शी और जवाबदेह होगी, शासन व्यवस्था उतनी ही प्रभावी और मजबूत होगी।
राज्यपाल ने कहा कि सूचना का अधिकार केवल जानकारी प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि नागरिकों को शासन को समझने, प्रश्न पूछने और व्यवस्था में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस और साइबर तकनीक के दौर में सूचना तक पहुंच आसान हुई है।
विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के लिए इन तकनीकों का जिम्मेदारी और विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी है। इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ. आरएस टोलिया राज्य स्तरीय सूचना का अधिकार अधिनियम वाद-विवाद प्रतियोगिता-2026 के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया।