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उत्तराखंड: अल्मोड़ा: 10 बैग से शुरू किया मशरूम उत्पादन का कारोबार पहुंचा 80 लाख के टर्नओवर तक

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
उत्तराखंड: अल्मोड़ा: 10 बैग से शुरू किया मशरूम उत्पादन का कारोबार पहुंचा 80 लाख के टर्नओवर तक

स्लग- मशरूम से आत्मनिर्भर बनीं अल्मोड़ा की प्रीति

Category- महिला सशक्तिकरण / स्वरोजगार

उत्तराखंड: अल्मोड़ा: 10 बैग से शुरू किया मशरूम उत्पादन का कारोबार पहुंचा 80 लाख के टर्नओवर तक

एंकर- मशरूम उत्पादन उत्तराखंड में महिलाओं के लिए स्वरोजगार का एक नया माध्यम बन रहा है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की प्रीति भंडारी ने महज 10 बैग से मशरूम उत्पादन शुरू किया और आज उनका कारोबार 80 लाख रुपये सालाना टर्नओवर तक पहुंच चुका है। सरकारी योजनाओं, विभागीय सहयोग और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रशिक्षण ने उनके उद्यम को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

प्रीति अब मशरूम उत्पादन के साथ इससे कई तरह के खाद्य उत्पाद भी तैयार कर रही हैं और दूसरी महिलाओं को भी स्वरोजगार से जोड़ रही हैं। वर्ष 2019 में उन्हें तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। प्रीति भंडारी मशरूम से अचार, बड़ी और अन्य खाद्य उत्पाद तैयार कर रही हैं। इसके अलावा मशरूम के पकौड़े, मोमो, बर्गर और कबाब की बिक्री के लिए अल्मोड़ा मशरूम के नाम से तीन आउटलेट भी संचालित किए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि सफल उद्यमियों के अनुभवों से दूसरी महिलाएं भी प्रेरित हों और उत्पादन के साथ अपने उत्पादों की बिक्री कर स्थायी आमदनी अर्जित कर सकें।

बाइट- प्रीति भंडारी, मशरूम उद्यमी, अल्मोड़ा

बाइट- के.एन. तिवारी, परियोजना निदेशक, डीआरडीए, अल्मोड़ा

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।