उत्तराखण्ड : अंकिता भंडारी केस को लेकर राजनीति शुरू
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उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने अंकिता भंडारी हत्याकांड और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। प्रेस वार्ता के दौरान कुमारी शैलजा ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में निष्पक्ष जांच की मांग उठाते हुए कहा कि मामले से जुड़े लोगों को किसी भी तरह का राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
उन्होंने राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी ने आरोप लगाया कि इस तरह के घटनाक्रम से जनता का न्याय व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा कमजोर हो सकता है। वहीं, अंकिता भंडारी मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि अंकिता के दोषियों को सजा दिलवाने के लिए सरकार ने ही पैरवी की थी और तीनों को सजा दिलवाने का काम भी किया है।
वहीं, अंकिता भंडारी के पिता वीरेन्द्र सिंह भंडारी एवं माता सोनी देवी ने सीबीआई मुख्यालय, दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट की। उन्होंने इस प्रकरण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं के बारे में जानकारी दी। सीबीआई अधिकारियों ने उन्हें प्रकरण के सभी पहलुओं का समुचित परीक्षण करते हुए विवेचना निष्पक्ष एवं न्याय संगत ढंग से करने का आश्वासन दिया।
बाइट - कुमारी शैलजा, प्रदेश प्रभारी, कांग्रेस
बाइट - पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड