उत्तराखंड: बद्री गाय के गोबर से दीपावली के उत्पाद बना रहीं पौड़ी की महिलाएं
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पहाड़ों में रोजगार के सीमित अवसरों के बीच ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। जनपद पौड़ी की श्रीनगर विधानसभा के खिर्सू ब्लॉक स्थित चमराड़ा गांव में भूमि स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं बद्री गाय के गोबर से दीपावली के लिए आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल उत्पाद तैयार कर रही हैं।
समूह की महिलाएं गोबर से बने दीपक, समरानी कप, धूपबत्ती, मूर्तियां और घरों को सजाने के लिए लड़ियां बना रही हैं। इन उत्पादों की देहरादून, दिल्ली सहित कई महानगरों में अच्छी मांग है। भूमि स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष अनीता कंडारी ने बताया कि वर्तमान में 10 से 12 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से समूह में काम कर रही हैं, जबकि साढ़े चार सौ से अधिक महिलाएं अप्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़ी हैं।
ये महिलाएं अपने घरों में गाय पालकर गोबर समूह तक पहुंचाती हैं, जिससे उन्हें भी घर बैठे रोजगार और आमदनी का अवसर मिल रहा है। समूह से जुड़ी सुनीता देवी ने बताया कि वह पिछले करीब तीन वर्षों से इस समूह के साथ काम कर रही हैं। समूह से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। वहीं फेडरेशन में ग्रुप मोबिलाइजर के पद पर कार्यरत समीक्षा बिष्ट ने बताया कि उनका कार्य गांव-गांव जाकर महिलाओं को ग्राम उत्थान परियोजना की योजनाओं की जानकारी देना और अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना है।
रीप परियोजना अधिकारी कुलदीप बिष्ट ने बताया कि ग्राम उत्थान परियोजना के माध्यम से भूमि स्वयं सहायता समूह को छह लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त तीन लाख रुपये का ऋण और एक लाख रुपये की धनराशि समूह की महिलाओं ने स्वयं जुटाई, जिसके बाद इस कार्य को शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि समूह की महिलाएं केमिकल रहित उत्पाद तैयार कर अच्छी आमदनी कर रही हैं।
इनके उत्पादों की स्थानीय बाजार के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में भी काफी मांग है।
बाइट 1-अनीता कंडारी, अध्यक्ष
बाइट 2- सुनीता देवी, सदस्य
बाइट 3- समीक्षा बिष्ट, ग्रुप मोबिलाइजर
बाइट 4- कुलदीप बिष्ट, रीप परियोजना अधिकारी