राज्य

उत्तराखंड: बद्रीनाथ धाम में पर्यावरण शुल्क से बढ़ी आय

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
उत्तराखंड: बद्रीनाथ धाम में पर्यावरण शुल्क से बढ़ी आय

चार धामों में शामिल बद्रीनाथ धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के साथ, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की चुनौती भी बढ़ रही है। इसी को देखते हुए नगर पंचायत बद्रीनाथ वर्ष 2022 से श्रद्धालुओं से पर्यावरण शुल्क ले रही है। 2025 में इस शुल्क से नगर पंचायत को 'एक करोड़, 12 लाख रुपये से अधिक' की आय हुई थी, जबकि 2026 में अब तक '85 लाख रुपये से ज्यादा राजस्व मिल चुका है।

बद्रीनाथ धाम में इस वर्ष, अब तक 18 लाख 50 हजार से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंच चुके हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए संसाधनों की जरूरत भी बढ़ रही है। पर्यावरण शुल्क से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल धाम की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जन सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा रहा है।

नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी, सुनील पुरोहित के मुताबिक, शासन-प्रशासन के निर्देशों के तहत वर्ष 2022 से पर्यावरण शुल्क लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि, अब शुल्क फास्टैग के माध्यम से लिया जा रहा है। इससे समय की बचत के साथ ही शुल्क लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ी है।

बाइट 1- लक्ष्मण खत्री, उपाध्यक्ष, जिला पंचायत

बाइट 2- सुनील पुरोहित, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत, बद्रीनाथ

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।