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उत्तराखंड: चमोली जिले के पोखरी मेले में संस्कृति और लोक परंपराओं की धूम

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
उत्तराखंड: चमोली जिले के पोखरी मेले में संस्कृति और लोक परंपराओं की धूम

उत्तराखंड के चमोली जनपद के पोखरी में आयोजित कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल खादी, पर्यटन एवं किसान विकास मेले में संस्कृति, साहित्य और लोक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मेले के पांचवें दिन जहां महिला सशक्तिकरण सम्मेलन, किसान सम्मान समारोह और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, वहीं स्कूली बच्चों और महिलाओं की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

मेले के माध्यम से जहां स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है, वहीं क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मेले के पांचवें दिन महिला सशक्तिकरण सम्मेलन भी आकर्षण का केंद्र रहा। सम्मेलन में सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं ने महिला अधिकारों, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे।

वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना जरूरी है।

बाइट 1- राजेंद्र भंडारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं मेला संयोजक

बाइट 2- कुसुमलता गड़िया, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।