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उत्तराखंड: चमोली के तड़ाग ताल को पर्यटन मानचित्र पर लाने की तैयारी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
उत्तराखंड: चमोली के तड़ाग ताल को पर्यटन मानचित्र पर लाने की तैयारी

चमोली जिला धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से विशेष पहचान रखता है। बदरीनाथ धाम, पंच केदार और अन्य प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के साथ जिले में कई ऐसे प्राकृतिक स्थल भी हैं, जहां पर्यटन और रोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। दशोली ब्लॉक के निजमुला क्षेत्र में स्थित तड़ाग ताल ऐसा ही एक खूबसूरत प्राकृतिक स्थल है।

चारों ओर फैली जैव विविधता और मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता इस झील को खास बनाती है। इस झील तक पहुंचने के लिए करीब सात किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। लेकिन सड़क और सुविधाओं के अभाव में यह क्षेत्र आज भी पर्यटकों की पहुंच से दूर है। स्थानीय लोग तड़ाग ताल को पर्यटन के मानचित्र पर लाने की मांग कर रहे हैं।

तड़ाग ताल को पहचान दिलाने की दिशा में पर्यटन विभाग भी प्रयास कर रहा है। विभाग जिले के विभिन्न ट्रैकिंग रूट और पर्यटक स्थलों के प्रचार-प्रसार के साथ उनके विकास की संभावनाओं पर काम कर रहा है। पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ के अनुसार, निजमुला क्षेत्र में स्थित तड़ाग ताल के विकास के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रस्ताव दिए गए हैं।

इन प्रस्तावों के आधार पर भविष्य में विकास कार्यों की योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि तड़ाग ताल में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर स्थानीय युवा पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर तड़ाग ताल में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं।

जरूरत है सुविधाओं की और व्यापक प्रचार-प्रसार की।

बाइट 1- प्रदीप, स्थानीय युवा

बाइट 2- सुमित, स्थानीय युवा

बाइट 3- अरविंद गौड़, पर्यटन अधिकारी, चमोली

पीटीसी 4- सुरेंद्र रावत, चमोली

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।