उत्तराखंड: दीपावली में लोगों की पसंद बने पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन और स्थानीय उत्पाद
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
उत्तराखंड के जनपद उत्तरकाशी में दीपावली पर्व पर पहाड़ी व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों की काफी मांग देखने को मिल रही है। ग्रामीण महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन और स्थानीय उत्पाद लोगों को पसंद आ रहे हैं। महिलाओं की आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की पहल पर विकास भवन और कलेक्ट्रेट परिसर में विशेष स्टॉल लगाए गए हैं।
इन स्टॉलों पर अरसे, रोटाना, अरबी, माल्टा, गहत, उड़द की दाल सहित कई स्थानीय उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। वहीं, महिलाओं द्वारा तैयार पारंपरिक और सजावटी दीपावली उत्पाद भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से जहां पहाड़ी खानपान और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर भी मिल रहा है।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने दीपावली के लिए मिट्टी के घड़े और अन्य सजावटी सामग्री के साथ पहाड़ी व्यंजन भी तैयार किए हैं। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन इस कार्य में स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने का प्रयास कर रहा है। विभागीय अधिकारियों व प्रशासन के मुताबिक गांवों के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार पहाड़ी व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों की दीपावली पर काफी मांग है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
बाइट 1- दीमा रावत, स्वयं सहायता समूह सदस्य
बाइट 2- परमेंद्र सिंह राणा, समन्वयक, एनआरएलएम
💡 पृष्ठभूमि (Background)
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में दीपावली के दौरान पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन और स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ रही है। यह विषय ग्रामीण महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए व्यंजनों और उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर केंद्रित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को सशक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन की पहल को दर्शाती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। इसका आम जनता पर असर यह है कि लोगों को ताज़ा, प्रामाणिक पर्वकालीन व्यंजन उपलब्ध हो रहे हैं, साथ