उत्तराखंड के 7 जिलों में लंपी रोग के 635 संदिग्ध मामले, 55 जांच रिपोर्ट में 21 में संक्रमण की पुष्टि
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उत्तराखंड में पशुओं में फैलने वाले लंपी त्वचा रोग ने पशुपालन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के सात जिलों में अब तक 635 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जबकि जांच के लिए भेजे गए नमूनों में संक्रमण की पुष्टि भी हुई है। देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग और टिहरी में लंपी रोग के संदिग्ध मामले सामने आए हैं।
दो सौ उनहत्तर नमूने जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें से प्राप्त 55 रिपोर्टों में 21 में संक्रमण की पुष्टि हुई है। बीमारी से बचाव के लिए संक्रमित पशुओं को अलग रखने, पशुओं की आवाजाही नियंत्रित करने, साफ-सफाई और कीट नियंत्रण के साथ टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है। वहीं विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक 2 लाख 10 हजार से ज्यादा पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा के अनुसार उत्तराखंड में अन्य राज्यों की तुलना में बीमारी से मृत्यु दर कम और रिकवरी रेट अधिक है। इसके साथ ही पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि पशुओं में बुखार या त्वचा पर गांठ जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सालय या विभागीय अधिकारियों से संपर्क करें।
बाइट – सौरभ बहुगुणा, पशुपालन मंत्री, उत्तराखंड सरकार