उत्तराखंड कौथिक-2026 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का लोक संस्कृति बचाने पर जोर
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रेंजर्स कॉलेज ग्राउंड, देहरादून में अखिल गढ़वाल सभा, देहरादून द्वारा आयोजित उत्तराखंड कौथिक-2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अखिल गढ़वाल सभा के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड कौथिक जैसे आयोजन प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति, भाषा और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और उत्पादों को पहचान मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र के साथ प्रदेश के समग्र विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए काम कर रही है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि होम-स्टे, पर्यटन, कृषि, बागवानी और स्वरोजगार के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। वहीं, महिला सशक्तीकरण की दिशा में ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग और एसडीजी इंडेक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया है।
साथ ही रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि भी दर्ज की गई है।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, अखिल गढ़वाल सभा के पदाधिकारी, लोक कलाकार नरेंद्र सिंह नेगी और संगीता ढोंडियाल सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।