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उत्तराखंड: पौड़ी में गढ़वाली भाषा के मानकीकरण पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
उत्तराखंड: पौड़ी में गढ़वाली भाषा के मानकीकरण पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित

उत्तराखंड के पौड़ी जिले के घुड़दौड़ी स्थित आनंद हिमालया रिजॉर्ट में गढ़वाली भाषा के मानकीकरण पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में साहित्यकारों, कवियों और भाषा विशेषज्ञों ने गढ़वाली भाषा के संरक्षण, संवर्धन और मानकीकरण को लेकर मंथन किया। मुख्य अतिथि लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि भाषा निरंतर परिवर्तनशील होती है और लोक की जरूरतों के अनुसार अपना स्वरूप बदलती रहती है। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के लोककला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र के निदेशक गणेश खुगशाल ‘गणी’ ने कहा कि गढ़वाली भाषा का मानकीकरण आज की परम आवश्यकता है।

बाइट-गणेश खुगशाल ‘गणी’, निदेशक

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।