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उत्तराखंड: पौड़ी जनपद के राठ क्षेत्र में 5 दिसंबर को आयोजित होगा ऐतिहासिक बूंखाल मेला

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
उत्तराखंड: पौड़ी जनपद के राठ क्षेत्र में 5 दिसंबर को आयोजित होगा ऐतिहासिक बूंखाल मेला

पौड़ी जनपद के थलीसैंण विकासखंड के राठ क्षेत्र में आयोजित होने वाला बूंखाल मेला करीब दो सौ वर्षों से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बना हुआ है। कभी नर भैंसों की बलि प्रथा के लिए चर्चित रहा यह मेला वर्ष 2014 से पूरी तरह सात्विक स्वरूप ले चुका है। इस वर्ष 5 दिसंबर को आयोजित होने वाला बूंखाल मेला कई मायनों में खास रहने वाला है।

नए स्वरूप में विकसित किए गए मंदिर में पहली बार मां बूंखाल कालिंका की मूर्ति स्थापित की जाएगी। इसके लिए विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन भी किया जाएगा। यह मेला धार्मिक आस्था के साथ ही पहाड़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और आपसी मेल-मिलाप का भी प्रतीक है। मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पारंपरिक लोकनृत्य, लोकगीत, स्थानीय हस्तशिल्प और पहाड़ी व्यंजनों की झलक देखने को मिलती है।

मेले की तैयारियों को लेकर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने बिजली, पानी, प्रकाश व्यवस्था और शौचालय समेत तमाम व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। ट्रस्ट के सचिव कमल रावत ने बताया कि कैबिनेट मंत्री ने ट्रस्ट को आश्वस्त किया है कि मेले में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

इसके साथ ही पुष्प वाटिका पौड़ी की अध्यक्ष बीरा भण्डारी के मुताबिक इस बार भी पुष्प वाटिका पौड़ी की टीम अपनी वाटिका से पुष्प लेकर मां के दरबार को सजाने पहुंचेगी।

बाइट 1- डॉ. धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री

बाइट 2- बीरा भंडारी,स्थानीय निवासी

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।