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उत्तराखंड: टिहरी: आईआईटी रुड़की के प्रयासों से गांव में पानी की उपलब्धता हुई दोगुनी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
उत्तराखंड: टिहरी: आईआईटी रुड़की के प्रयासों से गांव में पानी की उपलब्धता हुई दोगुनी

स्लग- आईआईटी रुड़की ने विकसित किया नया जलस्रोत

Category- विज्ञान एवं तकनीक / जल संरक्षण

उत्तराखंड: टिहरी: आईआईटी रुड़की के प्रयासों से गांव में पानी की उपलब्धता हुई दोगुनी

एंकर- उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर ब्लॉक स्थित ऊंचौन गांव में जल संकट दूर करने की दिशा में आईआईटी रुड़की ने महत्वपूर्ण पहल की है। संस्थान के वैज्ञानिकों ने वैज्ञानिक विधि से नया जलस्रोत विकसित किया है। इससे कम पानी वाले मौसम में भी जल उपलब्धता दोगुनी हो गई है। पहले गांव में प्रतिदिन करीब 500 लीटर पानी उपलब्ध होता था, जो अब बढ़कर एक हजार लीटर और उससे अधिक हो गया है। यह कार्य नमामि गंगे और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के सहयोग से संचालित परियोजना के तहत किया गया है। आईआईटी रुड़की के पृथ्वी विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने तकोली गाड जलग्रहण क्षेत्र में इस दिशा में शोध किया है।

बाइट- प्रो. अभयानंद सिंह मौर्य, प्रधान वैज्ञानिक, आईआईटी रुड़की

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।