वडनगर से वाराणसी जा रही जल एवं जन सेवा यात्रा का बीकानेर में स्वागत
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गुजरात के वडनगर से वाराणसी जा रही जल एवं जन सेवा अभियान की यात्रा का बीकानेर के नोखा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। अपना घर आश्रम में सेवा कार्यक्रम के साथ यात्रा जांगलू पहुंची, जहां गौशाला में गायों को गुड़ खिलाकर गौसेवा की गई।
24 सितम्बर,बीकानेर। जल एवं जन सेवा अभियान के तहत गुजरात के वडनगर से वाराणसी के लिए निकली यात्रा का बीकानेर जिले के नोखा में भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। भाजपा देहात जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया की अगुवाई में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने यात्रा में शामिल सदस्यों का स्वागत किया।
यात्रा के नोखा पहुंचने पर अपना घर आश्रम में सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान गुजरात से यात्रा के साथ आए सदस्यों ने आश्रम में रह रहे लोगों को भोजन परोसकर सेवा कार्य में सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के जरिए सेवा, समर्पण और जनकल्याण का संदेश दिया गया।
जांगलू में भी हुआ स्वागत नोखा के बाद यात्रा जांगलू पहुंची, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने यात्रा का स्वागत किया। यहां स्थित गौशाला में यात्रा में शामिल सदस्यों ने गायों को गुड़ खिलाकर गौसेवा की। यात्रा के दौरान विभिन्न सेवा गतिविधियों में भाग लेकर सदस्यों ने सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया। कार्यक्रमों में स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की भी सहभागिता रही।
भाजपा पदाधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नोखा के पूर्व विधायक बिहारी लाल बिश्नोई, जिला महामंत्री कैलाश बिश्नोई, यात्रा के राजस्थान प्रभारी मुरली सैन, जिला यात्रा प्रभारी निशांत गौड़, जिला कार्यालय मंत्री जैना महाराज सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। यात्रा के दौरान सेवा कार्यों और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जनसेवा का संदेश दिया गया।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
जल एवं जन सेवा अभियान गुजरात के वडनगर से वाराणसी की ओर जा रही है, जिसे बीकानेर के नोखा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस यात्रा का उद्देश्य ग्रामीण और धार्मिक क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और समाजसेवा कार्यों को बढ़ावा देना है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के बीच सहयोग को दर्शाती है, तथा क्षेत्रीय नेताओं के बीच एकजुटता को उजागर करती है। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक हो सकता है, क्योंकि इससे स्वच्छता, स्वास्थ्य और पशुपालन जैसे मुद्दो