वन कर्मियों के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दिया सकारात्मक संवाद का संदेश
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वन गौरव सम्मेलन में कर्मचारियों का सम्मान, मांगों के समाधान के लिए उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री से चर्चा का भरोसा
रीवा/भोपाल, 18 अक्टूबर। विंध्य की वन संपदा के संरक्षण और वन कर्मचारियों के योगदान को सम्मान देने की दिशा में उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने महत्वपूर्ण संदेश दिया। रीवा के जयंती कुंज में आयोजित वन गौरव सम्मेलन में उन्होंने वन कर्मियों को वन और पर्यावरण का संरक्षक बताते हुए उनके कठिन परिश्रम की सराहना की। साथ ही कर्मचारियों की मांगों के निराकरण के लिए उच्च अधिकारियों से चर्चा करने और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष विषय रखने का भरोसा दिलाया।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विंध्य क्षेत्र सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से समृद्ध है। यहां की वन संपदा की सुरक्षा और संवर्धन में वन कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। दुर्गम क्षेत्रों और कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले इन कर्मचारियों के समर्पण से ही वन संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलती है। उन्होंने मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी का उल्लेख करते हुए कहा कि वन विभाग के सहयोग से विंध्य में सफेद बाघ की वापसी संभव हुई, जो क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।

सम्मेलन से पहले श्री शुक्ल ने जयंती कुंज में रुद्राक्ष का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्ष धरती का श्रृंगार होने के साथ हमारे लिए ऑक्सीजन का आधार हैं। वन विभाग द्वारा वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा वृक्षारोपण वनों को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्राकृतिक संपदा का संरक्षण आज की आवश्यकता है और इसमें वन कर्मियों की भूमिका बेहद अहम है।
उप मुख्यमंत्री ने वन कर्मचारी संगठन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने संगठन द्वारा ज्ञापन के माध्यम से रखी गई मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाते हुए कहा कि इनके निराकरण के लिए उच्च अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मांगों को पूरा करने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने बसामन मामा पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार को पुनः शुरू किए जाने की बात भी कही।
मुख्य वन संरक्षक अनुराग कुमार ने कहा कि वन कर्मचारी दुर्गम स्थानों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं। उनके लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कर्मचारियों के स्वत्वों से संबंधित लंबित भुगतान की मांगों के निराकरण की बात कही।
वन मंडल अधिकारी मैहर विद्याभूषण मिश्रा ने भगवान श्रीराम के वनवास का उल्लेख करते हुए वन संस्कृति, वनवासियों और प्रकृति संरक्षण के महत्व पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि वन संपदा की रक्षा करने वाले कर्मचारियों के सामने आज भी कई चुनौतियां हैं।
मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष पंकज पांडेय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कर्मचारियों के कल्याण से जुड़ी मांगें रखीं। इनमें वन कर्मियों को पुलिस कर्मियों के समान वेतन, वन भूमि से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई में पर्याप्त पुलिस बल और कैमरे की व्यवस्था शामिल रही।
संगठन के जिला अध्यक्ष शिवम मिश्रा ने वन कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा, पौष्टिक आहार भत्ता, पुलिस कर्मियों के समान वेतन, पदनाम परिवर्तन, लंबे समय से कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के नियमितीकरण और वरिष्ठता सूची जारी करने की मांग उठाई।
सम्मेलन में वन मंडल अधिकारी लोकेश निरापुरे, संभाग के विभिन्न जिलों के वन विभाग के अधिकारी तथा मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन संगठन के जिला अध्यक्ष आयुष तिवारी के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने इस अवसर पर सभी को नवरात्रि और दशहरे की शुभकामनाएं भी दीं।