वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर देशव्यापी सामूहिक गायन, हजारीबाग में गूंजा वंदे मातरम्
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वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर देशव्यापी सामूहिक गायन, हजारीबाग में गूंजा वंदे मातरम्, छात्र-छात्राओं ने एक साथ गाया वंदे मातरम्, नई पीढ़ी को राष्ट्रीय गीत की विरासत से जोड़ने की पहल, नमामि भारतम् के तहत देशभर में सामूहिक गायन।
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वंदे मातरम् , हजारीबाग
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर देशव्यापी सामूहिक गायन
हजारीबाग में गूंजा वंदे मातरम् छात्र-छात्राओं ने एक साथ गाया वंदे मातरम्
नई पीढ़ी को राष्ट्रीय गीत की विरासत से जोड़ने की पहल
नमामि भारतम् के तहत देशभर में सामूहिक गायन
एंकर
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। हजारीबाग में भी विद्या भारती से जुड़े विद्यालयों में कार्यक्रम हुए, जहां छात्र-छात्राओं के साथ समाज के लोगों ने भी वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया।
होल्ड अप साउंड रिपोर्ट
वीओ 1 हजारीबाग के आर्ष कन्या गुरुकुल में सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा। सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के लोगों ने एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया। कार्यक्रम में समाजसेवी शैफाली गुप्ता समेत कई लोग शामिल हुए, जिन्होंने इस आयोजन के महत्व पर बात की।
बाइट- शैफाली गुप्ता, समाजसेवी
वीओ 2 कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ सामूहिक गायन तक सीमित नहीं रहा। विद्यार्थियों को वंदे मातरम् की ऐतिहासिक यात्रा, राष्ट्रीय महत्व और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी प्रेरणादायी भूमिका से परिचित कराने का प्रयास किया गया। आर्ष कन्या गुरुकुल के आचार्य कौटिल्य ने वंदे मातरम् की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी दी।
बाइट- आचार्य कौटिल्य, आर्ष कन्या गुरुकुल
अंतिम वीओ हजारीबाग में आयोजित यह कार्यक्रम सामूहिक गायन के साथ इतिहास और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ने का अवसर भी बना। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित ‘नमामि भारतम्’ ने नई पीढ़ी को इसकी ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया।
हजारीबाग से गौरव प्रकाश की रिपोर्ट।
🎙️ जनता का संदेश का मत
वंदे मातरम् के 150वें वर्ष पर देशभर में सामूहिक गायन ने एकजुटता और गर्व की भावना जगाई। यह याद दिलाता है कि संगीत, भाषा और परंपरा हमें जोड़ती हैं, चाहे हम किसी भी पृष्ठभूमि से हों। नई पीढ़ी को इस विरासत से जोड़कर हम न केवल इतिहास को याद रखते हैं, बल्कि एक शांतिपूर्ण, समावेशी समाज का निर्माण भी करते हैं।