विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने राष्ट्रमंडल देशों से छोटे, भरोसेमंद मार्गों के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने का आग्रह किया
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विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने राष्ट्रमंडल देशों से छोटे, भरोसेमंद मार्गों के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि बेहतर संपर्क से व्यापार और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। सेंट जॉन्स, एंटीगुआ और बारबुडा में राष्ट्रमंडल राष्ट्राध्यक्षों की बैठक 2026 के दौरान व्यापारिक नेताओं की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने मजबूत स्थानीय वितरण नेटवर्क, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत का वैश्विक व्यापार समुदाय राष्ट्रमंडल के लिए एक संपत्ति है।
उन्होंने डिजिटल प्रौद्योगिकी को दक्षता, सुशासन और विकास का प्रमुख कारक बताया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन के माध्यम से जलवायु कार्रवाई पर अधिक सहयोग का आह्वान किया और मानवीय सहायता के लिए स्थानीय केंद्रों की आवश्यकता पर बल दिया। राष्ट्रमंडल अफ्रीका, एशिया, अमरीका, यूरोप और प्रशांत क्षेत्र में फैले 56 संप्रभु सदस्य देशों का एक स्वैच्छिक संघ है।