विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी के आरोप में 2 गिरफ्तार
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →भास्कर न्यूज| किशनगंज विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर सीमांचल के बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम वसूलने और कथित तौर पर अवैध रास्तों से विदेश भेजकर उनसे जबरन दूसरा काम कराने के मामले में किशनगंज पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने एसटीएफ के सहयोग से 16 अक्टूबर को पटना से दो प्राथमिकी अभियुक्तों हाजी नाहिद गनी और मो.
तवरेज को गिरफ्तार किया है, वह पूर्णिया के अनगढ़ थाना क्षेत्र के कटहलबाड़ी का रहने वाला है। नाहिद गनी पूर्णिया के बैसा का रहने वाला है। दोनों पर विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी, अवैध तरीके से विदेश भेजने और युवाओं को कथित रूप से बंधुआ मजदूरी में धकेलने के आरोप हैं। इस मामले में किशनगंज और पूर्णिया जिले के विभिन्न थानों में आधा दर्जन से अधिक प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने त्वरित अनुसंधान और कार्रवाई के लिए एसडीपीओ-1 खुशरू सिराज के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की थी। छापेमारी एवं तकनीकी दल में जिला आसूचना इकाई के प्रभारी पुलिस निरीक्षक मो.
मुश्ताक आदि शामिल थे। कथित तौर पर पाकिस्तानी एजेंट की मदद से कुछ युवाओं को थाईलैंड के रास्ते अवैध रूप से मलेशिया में प्रवेश कराया गया। पुलिस के अनुसार, इस तरह के रास्ते को डंकी रूट कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल मानव तस्करी के मामलों में भी किया जाता है। आरोप है कि बेरोजगार युवाओं को बेहतर रोजगार का सपना दिखाकर विदेश भेजा जाता था। मो.
सुलेमान ने आरोप लगाया कि उनके पुत्र नूरजफर को विदेश भेजने के लिए एक लाख 80 हजार रुपये लिए गए। नूरजफर को 9 सितंबर 2026 को पटना से दिल्ली और फिर थाईलैंड के क्राबी भेजा गया। इसके बाद 18 सितंबर को कथित तौर पर अवैध रास्ते से मलेशिया में प्रवेश कराया गया। मलेशियाई इमिग्रेशन पुलिस की छापेमारी के दौरान कई युवकों को गिरफ्तार किया गया। नूरजफर किसी तरह जंगल में छिपकर गिरफ्तारी से बच गया और बाद में स्थानीय एजेंट की मदद से भारत लौट आया।
📡 स्रोत: NewsData.io